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Friday, July 29, 2016

गेस्ट टीचर्स मामले में शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव कोर्ट में तलब

 गेस्ट टीचर्स को लेकर दिए गए एक निर्णय का 5 साल बाद भी पालन नहीं होने पर मामला फिर से हाईकोर्ट पहुंच गया है। इस बार कोर्ट ने सीधे शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को तलब किया है।
हरियाणा शिक्षा विभाग में कार्यरत गेस्ट टीचर्स सरकार और अधिकारियों के गले की फांस बने हुए हैंं। एक बार फिर गेस्ट टीचर्स मामले में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने सरकार और शिक्षा विभाग को आड़े हाथों लिया है।
दरअसल, हाईकोर्ट 30 मार्च 2011 को दिए अपने फैसले की 5 वर्ष बाद भी अनुपालना नहीं होने पर नाराज है। जस्टिस राजन गुप्ता की बेंच ने फटकार लगाते हुए शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को 24 अगस्त को व्यक्तिगत रूप से हाईकोर्ट में पेश होने का आदेश दिया।

Wednesday, September 2, 2015

जेबीटी परिणाम की जांच अब सीएफएसएल चंडीगढ़ को

  हरियाणा में जेबीटी के 9455 शिक्षकों की भर्ती के परिणाम की जांच पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट अब सेंट्रल फोरेंसिक साइंटिफिक लेबोरेटरी (सीएफएसएल) चंडीगढ़ से कराएगी। हाईकोर्ट की ओर से सील किए गए कंप्यूटर व हार्ड डिस्क लैब के हवाले कर दिए गए हैं। सीएफएसएल चंडीगढ़ के डायरेक्टर ने बुधवार को बेंच के समक्ष पेश होकर कहा कि लैब में पांच दिन में ही जांच मुकम्मल कर ली जाएगी, लेकिन हाईकोर्ट ने तीन हफ्ते में जांच पूरी करने का निर्देश देते हुए सुनवाई 23 सितंबर के लिए स्थगित कर दी है।

Tuesday, September 1, 2015

9455 जेबीटी शिक्षकों की नियुक्ति में धांधली से इन्कार

पिछले साल चयनित 9455 जेबीटी शिक्षकों की नियुक्ति मामले में सरकार ने धांधली से इन्कार किया है। सोमवार को कर्मचारी चयन आयोग के सचिव महावीर कौशिक व टीचर सेलेक्शन बोर्ड की प्रोग्रामर रही सविता ने हाईकोर्ट में हलफनामा दायर कर कहा कि अंक देने में कोई फर्जीवाड़ा नहीं हुआ। इस जवाब से चयनित शिक्षकों को बड़ी राहत मिल सकती है। मंगलवार को कोर्ट इस मामले में फैसला सुना सकती है।
पहले टीचर सेलेक्शन बोर्ड व अब स्टाफ सेलेक्शन कमीशन में ठेके पर कार्यरत सविता ने हलफनामे में कहा है कि फाइनल रिजल्ट तैयार करते समय चूकवश एमए पास उम्मीदवारों के दो अंक साक्षात्कार में जोड़े नहीं गए थे। बाद में गलती सामने आने के बाद इसे ठीक कर दिया गया, जबकि कुल अंक में कोई गलती नहीं थी। इसी के आधार पर मेरिट बनाकर रिजल्ट वेबसाइट पर लोड कर दिया गया। उन्होंने कहा कि यह तकनीकी चूक थी और इसमें किसी का कोई दबाव नहीं था।

Friday, August 21, 2015

ओवर एज पीजीटी को नहीं मिलेगी नियुक्ति

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की डिविजन बेंच ने उस आदेश पर रोक लगा दी है जिसमें एकल बेंच ने ओवर ऐज हो चुके दो सौ से ज्यादा पीजीटी शिक्षकों को नियुक्ति देने का आदेश दिया था। कोर्ट ने प्रतिवादी पक्ष को नोटिस जारी कर जवाब-तलब भी किया है।
हरियाणा सरकार ने इन शिक्षकों को गत वर्ष मेरिट में आने के बावजूद नियुक्ति पत्र देने से यह कहते हुए मना कर दिया था कि ये अब ओवर ऐज हो गए हैं। चयनित शिक्षकों ने सरकार के इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।

Monday, August 3, 2015

एचटेट में गड़बड़ी, शिक्षा बोर्ड पर 1 लाख जुर्माना

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा में 2010 में जारी विज्ञापन के तहत जेबीटी भर्ती के लिए आवेदन करने वाले अध्यापक पात्रता टेस्ट (एचटेट) में फर्जी उम्मीदवारों पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश जारी करते हुए याचिका का निपटारा कर दिया है। एचटेट में गड़बड़ी पर हाईकोर्ट ने हरियाणा स्कूल शिक्षा बोर्ड पर एक लाख रुपये जुर्माना लगाते हुए कहा है कि वह पारदर्शी परीक्षा कराने में विफल रहा है।
सरकार ने पहले 776 परीक्षार्थियों की पहचान फर्जी उम्मीदवारों के तौर पर की थी। हाईकोर्ट ने इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश देते हुए मुकम्मल रिपोर्ट तलब की थी।

1750 जेबीटी की नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक जारी

हरियाणा सरकार की ओर से नियुक्त 1750 जेबीटी शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने रोक जारी रखी है। इनका परिणाम घोषित हुआ था और नियुक्ति पत्र जारी होने वाले थे। इसी बीच, वर्ष 2012 की भर्ती के वेटिंग सूची वाले तीन उम्मीदवारों ने हाईकोर्ट पहुंच कर उन्हें दरकिनार करने का आरोप लगाया था।
इस याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस अमित रावल ने हरियाणा सरकार को न केवल नोटिस जारी किया था, बल्कि 1750 नियुक्त जेबीटी शिक्षकों की भर्ती की अगली प्रक्रिया पर फिलहाल रोक लगा दी थी। सोमवार को हाईकोर्ट ने यह रोक जारी रखी है। इसी याचिका में कुछ चयनित उम्मीदवारों ने प्रतिवादी बनने की अर्जी दाखिल की, लेकिन वेटिंग सूची वालों ने इसका विरोध करते हुए पुख्ता जवाब दाखिल करने को समय मांगा। हाईकोर्ट ने सुनवाई 10 अगस्त तक स्थगित कर दी है।
अंबाला की दलविंदर कौर समेत तीन ने एडवोकेट गौतम दीवान के माध्यम से दायर याचिका में आरोप लगाया था कि सरकार ने जिन 1750 उम्मीदवारों का परिणाम घोषित किया है, उन्हें वर्ष 2012 की भर्ती के योग्य नहीं माना जा सकता। याचिका में कहा कि 2012 की भर्ती के 976 उम्मीदवार वेटिंग सूची में थे।

Saturday, August 1, 2015

हाईकोर्ट के फैसलों का सम्मान करना सीखें गेस्ट टीचर

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने अतिथि अध्यापकों को कड़ी फटकार लगाते हुए उनको राहत देने से इंकार कर दिया। हाईकोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए उन्हें सिंगल बेंच में अपील करने की छूट दे दी।
हटाए गए 4073 सरप्लस अतिथि अध्यापकों ने एकल पीठ के आदेश के खिलाफ द्वि-सदस्यीय पीठ के समक्ष अपील की थी। जस्टिस सूर्यकात की अध्यक्षता वाली द्वि-सदस्यीय पीठ ने बृहस्पतिवार को इस पर सुनवाई की। अतिथि अध्यापको की तरफ से आधा दर्जन वरिष्ठ वकील पैरवी के लिए आए। दो घंटे की सुनवाई में जस्टिस सूर्यकात की पीठ ने अतिथि अध्यापकों पर कई बार कड़ी टिप्पणी की।
 पीठ ने कहा कि अतिथि अध्यापक कोर्ट के आदेशों का सम्मान करना सीखें। स्कूलों में ताले लगाने, खाप पंचायतों की मदद व राजनितिक पार्टियों के समर्थन से वे गलतफहमी न पालें कि कोर्ट किसी दबाव में आएगी। कोर्ट स्कूलों में पढ़ाई सुचारू रूप से जारी रखने के लिए हर तरह का आदेश देने में सक्षम है। लेकिन स्कूलों में तालाबंदी जैसी हरकत सहन नहीं करेगी।
 पीठ ने कहा कि नियमित भर्ती तक अतिथि अध्यापकों को सेवा में रखने की दलील अब सब समझ चुके हैं और ये दलील पुरानी पड़ चुकी है तथा 2006 से 2015 तक बहुत बार प्रयोग हो चुकी है। पीठ ने पूछा, किस आधार पर रोक चाहते हो। जब यह साबित हो चुका है कि नियुक्ति पिछले दरवाजे से हुई है और सरकार हलफनामा दे चुकी है कि ये अतिथि अध्यापक सरपल्स हैं।

Thursday, May 28, 2015

गेस्ट टीचर्स को नहीं मिली राहत, अपील खारिज

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा के 4073 सरप्लस गेस्ट टीचरों को बड़ा झटका दिया है। प्रदेश सरकार के नोटिस को चुनौती देती याचिका नामंजूर होने के बाद दायर अपील भी वीरवार को खारिज हो गई।
जस्टिस सूर्यकांत व जस्टिस पीबी बजंतरी की डिवीजन बेंच ने कड़ी टिप्पणी की है कि तीन साल से सरकार इन गेस्ट टीचरों को वोट बैंक के तौर पर इस्तेमाल करती आ रही है, जबकि सुप्रीम कोर्ट भी गेस्ट टीचरों को निकालने का आदेश दे चुका है।

Wednesday, May 27, 2015

प्रोन्नति में आरक्षण पर हाई कोर्ट की रोक

हाई कोर्ट ने सरकारी नौकरियों में अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग को प्रोन्नति में 20 प्रतिशत आरक्षण देने पर रोक लगा दी है। साथ ही हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
बुधवार को मामले की सुनवाई के दौरान याची दिनेश कुमार व अन्य की ओर से कहा गया कि गलत तरीके से प्रमोशन में एससी वर्ग को आरक्षण देने की व्यवस्था की गई है। हरियाणा सरकार ने 14 फरवरी 2013 को वरिष्ठ आइएएस अधिकारी पी राघेवंद्र की कमेटी का गठन कर प्रदेश में एससी के पिछड़ेपन और उनके प्रतिनिधित्व के बारे में रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी थी। कमेटी ने रिपोर्ट में कहा कि एससी अब भी पिछड़े हुए हैं। इस रिपोर्ट को आधार बनाते हुए प्रदेश सरकार ने गत 15 मई को नोटिफिकेशन जारी कर एससी वर्ग के लिए प्रमोशन में 20 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान कर दिया। इस प्रावधान के तहत उन्हें 1 अप्रैल 2013 से इसका लाभ दिया जाना है।

गेस्ट टीचरों पर सुनवाई 29 मई को

सरकार के नोटिस पर गेस्ट टीचरों ने डिवीजन बेंच में दायर की अपील
एकल बेंच में फटकार, सरकार ने कार्रवाई के लिए मांगा समय


हरियाणा सरकार द्वारा जारी नोटिस के खिलाफ गेस्ट टीचरों ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच में अपील दायर कर दी है। इस पर सुनवाई 29 मई को होगी। बुधवार को 4073 सरप्लस गेस्ट टीचरों को हटाने के मामले में जस्टिस अमित रावल ने सुनवाई दोपहर बाद तक स्थगित कर दी।
 इस बीच गेस्ट टीचरों ने फिक्स टुडे के तहत डिविजन बेंच में अपील दायर कर दी, लेकिन जब सुनवाई शुरू हुई तो गेस्ट टीचरों के वकील कोर्ट में पेश नहीं हो पाए, जिस पर बेंच ने मामले की सुनवाई बृहस्पतिवार तक स्थगित कर दी।

Monday, May 25, 2015

हरियाणा के 4073 अतिथि शिक्षकों की आखिरी उम्मीद भी खत्म

हरियाणा के 4073 अतिथि शिक्षकों की आखिरी उम्मीद भी खत्म हो गई है। पंजाब व हरियाणा हाई कोर्ट ने सोमवार को उन्हें हटाने के राज्य सरकार के नोटिस पर स्थगन देने से इन्कार करते हुए उनकी याचिका को खारिज कर दिया।
जस्टिस अमित रावल ने कहा कि वे इस मामले में समय खराब क्यों कर रहे हैं, जबकि सुप्रीम कोर्ट व हाई कोर्ट पहले ही स्पष्ट आदेश दे चुके हैं। गौरतलब है कि शिक्षा विभाग को इन 4073 अतिथि शिक्षकों को हटा कर 27 मई से पहले स्टेटस रिपोर्ट हाई कोर्ट में पेश करनी है। पिछली सुनवाई के दौरान प्रदेश सरकार के अतिथि शिक्षकों के प्रति नरम रवैये पर सख्त रवैया अपनाते हुए हाई कोर्ट ने मुख्य सचिव को फटकार लगाई थी और सभी को हटाने के लिए दो सप्ताह का समय दिया था। वहीं, एकल बेंच द्वारा अपील खारिज करने के बाद अतिथि शिक्षकों के सामने अब केवल डिवीजन बेंच में नोटिस को चुनौती देने का रास्ता बचा है। मंगलवार को इस मामले में अपील दायर हो सकती है।

Monday, May 11, 2015

हाईकोर् का गेस्ट टीचरों को दो सप्ताह में हटाने का निर्देश

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने अतिथि अध्यापकों के प्रति सरकार के नरम रवैये पर सख्त रुख अपनाते हुए मुख्य सचिव को आदेश दिया है कि दो सप्ताह के भीतर 4073 सरप्लस टीचर को हटा कर रिपोर्ट दायर करें।
सोमवार को सुनवाई के दौरान पीठ ने आदेश के बावजूद इन गेस्ट टीचर को नहीं हटाने पर कोर्ट रूम में मौजूद मुख्य सचिव डीएस ढेसी व स्कूल विभाग के प्रधान सचिव टीसी गुप्ता को फटकार लगाते हुए अवमानना के तहत कार्रवाई करने का संकेत दे दिया। बाद में दोनों अफसरों द्वारा माफी मांगने पर पीठ नरम पड़ी और निर्देश दिया कि सरकार पब्लिकेशन के तहत नोटिस जारी कर दो सप्ताह में इनकी सेवा समाप्त करे।
बहस के दौरान याचिकाकर्ता के वकील जसबीर मोर ने पीठ को बताया कि ये टीचर सरप्लस नहीं हैं क्योंकि ये अब भी जमा दो क्लास तक पढ़ा रहे हैं। पीजीटी टीचर की नियुक्ति के बाद ही इन्हें सरप्लस माना जाए। सरकार ने भी याचिकाकर्ता के वकील की इस बात पर सहमति दी। इस पर पीठ ने सवाल उठाया कि बीएड टीचर अगर जमा दो तक पढ़ाएं तो पढ़ाई का क्या स्तर रह जाएगा। सरकार अब अपनी बात से बदल रही है कि ये टीचर सरप्लस नहीं हैं जबकि पहले सरकार ने खुद हलफनामा देकर इनको सरप्लस बताया था। ऐसे में अब सरकार को इन टीचर को हटाना ही पड़ेगा। सुनवाई के दौरान सरकार ने नए पीजीटी भर्ती का कार्यक्रम की कोर्ट को जानकारी दी।
पीठ को बताया गया कि एक महीने के भीतर भर्ती का विज्ञापन जारी कर दिया जाएगा।
एडवोकेट जगबीर मलिक ने सरकार पर आरोप लगाया कि सरकार हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट के आदेश की गंभीरता से नहीं ले रही और आदेशों की पालना नहीं कर रही। हर महीने सरकार इन सरप्लस टीचर पर लगभग 9 करोड़ रुपये वेतन के नाम पर खर्च कर रही है जबकि इनका कोई काम नहीं है। मलिक ने आरोप लगाया कि राज्य में 15 हजार गेस्ट टीचर कार्यरत हैं। इनको रखने के लिए सरकार नियमित टीचरों की नियुक्ति नहीं कर रही। सरकार की यही कोशिश रहती है कि गेस्ट टीचर को कैसे बचाया जाए।

Tuesday, May 5, 2015

हरियाणा में फिलहाल नहीं हटेंगे आर्ट्स और क्राफ्ट्स टीचर्स

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट की एकल बेंच द्वारा 20 फरवरी को 816 आर्ट्स और क्राफ्ट्स टीचर्स की नियुक्तियां रद करने के फैसले पर रोक लगाते हुए डिवीजन बेंच ने यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है। जस्टिस एसके मित्तल व जस्टिस एचएस सिद्धू की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि फिलहाल इन टीचरों को हटाया न जाए। हालांकि पांच महीने के भीतर नई भर्तियां करने का आदेश लागू रहेगा।
विदित रहे कि जस्टिस राजेश बिंदल ने नियुक्तियों के खिलाफ दायर 22 याचिकाओं पर अपने 33 पेज के फैसले में हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन के तत्कालीन चेयरमैन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा था कि तत्कालीन मुख्यमंत्री ने कम अकादमिक स्तर के आवेदकों को नियुक्त करने के लिए ही योग्यता के पैमाने में तबदीली की थी। चेयरमैन खुद में ही एक पूरे कमीशन के तौर पर काम कर रहे थे। पैमाना बदलने के लिए कमीशन के अन्य सात सदस्यों की स्वीकृति तक नहीं ली गई थी। इनकी कार्यप्रणाली देखकर लगता था कि यह कमीशन एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की तरह काम कर रहा था।

Thursday, March 19, 2015

सेवानिवृत्ति उम्र 58 वर्ष करने के खिलाफ अपील खारिज

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की डिविजन बेंच ने हरियाणा सरकार द्वारा अपने कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु 58 साल करने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी। हाईकोर्ट की एकल बेंच ने याचिका को पहले ही खारिज कर दिया था, जिसे डिविजन बेंच में चुनौती दी गई थी। बृहस्पतिवार को जस्टिस सूर्य कांत पर आधारित खंडपीठ ने अपील को आधाहीन मानते हुए खारिज करने का फैसला सुनाया।
 ज्ञात रहे कि हरियाणा सचिवालय में कार्यरत बलजीत कौर व अन्य कर्मचारियों की ओर से दायर याचिका में हरियाणा सरकार द्वारा 25 नवंबर को लिए गए निर्णय को रद करने की मांग की गई है। याचिका के अनुसार हरियाणा मंत्रिमंडल ने 25 नवंबर को निर्णय लिया था कि नई भर्ती के समय उम्मीदवार की अधिकतम आयु सीमा 42 वर्ष ही रहेगी जबकि कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु 58 वर्ष रहेगी। याचिकाकर्ता ने सरकार के इस निर्णय पर रोक की मांग की थी। हाईकोर्ट की एकल बेंच ने यह याचिका खारिज कर दी थी।

Tuesday, January 27, 2015

अध्यापक पात्रता परीक्षा में धांधली पर मामले की अगली सुनवाई 19 फरवरी को

निलंबित नहीं, दोषी टीचरों को बर्खास्त करो : हाईकोर्ट
अध्यापक पात्रता परीक्षा (स्टेट) में धांधली का मामला
2011 में शिक्षकों के 8285 पदों पर हुई थी भर्ती

मामले की अगली सुनवाई 19 फरवरी को होगी

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने अध्यापक पात्रता परीक्षा (स्टेट) परीक्षा में धांधली के मामले में कड़ा रवैया अपनाते हुए शिक्षा विभाग को निर्देश दिया कि सभी टीचरों की जांच करो। अगर किसी ने नौकरी छोड़ भी दी हो और वह फर्जीवाड़े का दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई करो। केवल निलंबन करने से काम नहीं चलेगा, ऐसे टीचरों को बर्खास्त किया जाना चाहिए।
बेंच ने शिक्षा विभाग द्वारा इस मामले में की जा रही कार्रवाई पर असंतोष जताते हुए डायरेक्टर एलीमेंटरी एजुकेशन को कड़ी फटकार भी लगाई। साथ ही हर सुनवाई पर पेश किए गए हलफनामे में दी गई संख्या पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अगली सुनवाई पर सही तथ्यों व संख्या की जानकारी दी जाए। मंगलवार को बेंच को निदेशक ने बताया कि तीन टीचर ऐसे हैं जो कार्यरत हैं लेकिन जांच के लिए पेश नहीं हो रहे। इस पर बेंच ने निदेशक को फटकार लगाते हुए कहा कि आप इन टीचर पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे। निदेशक ने बेंच को बताया कि विभाग इन टीचरों को निलंबित करने जा रहा है। इस पर जस्टिस राजेश बिंदल ने कहा कि निलंबित कर उनको आधा वेतन देकर क्यों विभाग पर बोझ डाल रहे हैं। जो टीचर साफ तौर पर दोषी पाए गए हैं उनको बर्खास्त क्यों नहीं किया जा रहा।

Monday, January 19, 2015

हरियाणा में रिटायरमेंट उम्र घटाने के खिलाफ याचिकाओं पर फैसला आज

हरियाणा में कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की आयु सीमा 60 साल से घटाकर 58 साल किए जाने के मौजूदा सरकार के फैसले के खिलाफ दायर याचिकाओं पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट मंगलवार को फैसला सुनाएगी। सरकार के फैसले के विरोध में 32 याचिकाएं दायर की गई हैं। जस्टिस टीएस ढींढसा ने सभी पक्षों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था।
हरियाणा की हुड्डा सरकार ने तृतीय दर्जा कर्मचारियों का सेवाकाल 58 से बढ़ाकर 60 साल और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का सेवाकाल 60 से बढ़ाकर 62 साल किया था। खट्टर सरकार की कैबिनेट में हुड़्डा सरकार का फैसला रद्द कर सेवानिवृत्ति की आयु सीमा कम कर दी गई थी। याचिकाओं में इस फैसले को केवल राजनीति से प्रेरित करार दिया गया था और खट्टर सरकार के फैसले को रद्द करने की मांग की गई थी।

Friday, May 30, 2014

वर्ष 2000 में नियुक्त जेबीटी शिक्षक भर्ती मामले में कोर्ट का फैसला मंजूर

वर्ष 2000 में हरियाणा में नियुक्त किए गए 3206 जूनियर बेसिक टीचर्स (जेबीटी) में से 2985 शिक्षकों की नियुक्ति रद करने के हाई कोर्ट के एकल बैंच के फैसले के खिलाफ डिविजन बैंच में दायर अपील पर हरियाणा सरकार ने अपना जवाब दाखिल कर दिया है। इसमें सरकार ने 2985 शिक्षकों की नौकरी को लेकर अंतिम फैसला लेने के लिए डिविजन बैंच के पाले में गेंद डाल दी है। अपने जवाब में प्रदेश सरकार ने इनसे संबंधित कोई भी नीति बनाने या निर्णय लेने में खुद को अक्षम बताया है। हाई कोर्ट में शुक्रवार को दायर जवाब में प्रदेश सरकार ने कहा कि वह हाई कोर्ट के आदेश के अनुसार इस मामले में कोई कदम नहीं उठा पाई है। सरकार ने कोर्ट को बताया कि बैंच जो भी निर्णय लेगी, वह उसे मंजूर होगा।

Saturday, May 24, 2014

हरियाणा शिक्षक भर्ती बोर्ड को अब सुप्रीम कोर्ट में चुनौती

हरियाणा में शिक्षक भर्ती बोर्ड भंग करने की मांग को लेकर दायर याचिका पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा खारिज कर दिए जाने के फैसले को अब सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। शिक्षक भर्ती बोर्ड व राज्य में बनाए गए अन्य भर्ती प्राधिकरणों को राजनीतिक लाभ के लिए बनाए प्राधिकरण बताते हुए याचिका में कहा गया है कि हाईकोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए संविधान के उस प्रावधान पर ध्यान नहीं दिया जिसमें एचपीएससी के समान भर्ती बोर्ड बनाना प्रावधान का उल्लंघन माना गया है। याचिका में मुख्यमंत्री भुपेंद्र सिंह हुड्डा, हरियाणा सरकार, हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी), शिक्षक भर्ती बोर्ड के चेयरमैन नंद लाल पुनिया एवं बोर्ड के अन्य सदस्यों को प्रतिवादी बनाया गया है। सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद होने की संभावना है।

Sunday, May 18, 2014

हरियाणा पुलिस भर्ती के परिणाम पर रोक की मांग खारिज

हरियाणा पुलिस भर्ती द्वारा की जा रही सिपाहियों की भर्ती के परिणाम पर रोक लगाने की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है।
भिवानी सुधार मंडल के अध्यक्ष पवन कुमार ने याचिका में आरोप लगाया था कि पुलिस भर्ती में नियम नहीं अपनाए जा रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश हैं और केंद्रीय ग्रह मंत्रालय ने पुलिस भर्ती के लिए माणक तय किए हैं।
हरियाणा पुलिस भर्ती बोर्ड ने भर्ती के लिए कोई नियम नहीं अपनाए। भर्ती प्रक्रिया के संबंध में पुलिस महानिदेशक एवं पुलिस भर्ती से आरटीआई के तहत जानकारी मांगी गई थी, लेकिन कोई जानकारी मुहैया नहीं करवाई गई।
भर्ती नियमों के तहत की जानी चाहिए और मौजूदा भर्ती के परिणाम पर रोक लगानी चाहिए। हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी है।

Wednesday, May 7, 2014

त्रिपुरा हाईकोर्ट ने दस हजार शिक्षकों की सेवाएं खत्म की

त्रिपुरा हाईकोर्ट ने बुधवार को राज्य सरकार द्वारा भर्ती किए गए 10 हजार 323 शिक्षकों की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। साथ ही दिसंबर 2014 तक नई भर्ती प्रक्रिया से इन पदों को भरने का आदेश दिया है।