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Tuesday, January 27, 2015

अध्यापक पात्रता परीक्षा में धांधली पर मामले की अगली सुनवाई 19 फरवरी को

निलंबित नहीं, दोषी टीचरों को बर्खास्त करो : हाईकोर्ट
अध्यापक पात्रता परीक्षा (स्टेट) में धांधली का मामला
2011 में शिक्षकों के 8285 पदों पर हुई थी भर्ती

मामले की अगली सुनवाई 19 फरवरी को होगी

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने अध्यापक पात्रता परीक्षा (स्टेट) परीक्षा में धांधली के मामले में कड़ा रवैया अपनाते हुए शिक्षा विभाग को निर्देश दिया कि सभी टीचरों की जांच करो। अगर किसी ने नौकरी छोड़ भी दी हो और वह फर्जीवाड़े का दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई करो। केवल निलंबन करने से काम नहीं चलेगा, ऐसे टीचरों को बर्खास्त किया जाना चाहिए।
बेंच ने शिक्षा विभाग द्वारा इस मामले में की जा रही कार्रवाई पर असंतोष जताते हुए डायरेक्टर एलीमेंटरी एजुकेशन को कड़ी फटकार भी लगाई। साथ ही हर सुनवाई पर पेश किए गए हलफनामे में दी गई संख्या पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अगली सुनवाई पर सही तथ्यों व संख्या की जानकारी दी जाए। मंगलवार को बेंच को निदेशक ने बताया कि तीन टीचर ऐसे हैं जो कार्यरत हैं लेकिन जांच के लिए पेश नहीं हो रहे। इस पर बेंच ने निदेशक को फटकार लगाते हुए कहा कि आप इन टीचर पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे। निदेशक ने बेंच को बताया कि विभाग इन टीचरों को निलंबित करने जा रहा है। इस पर जस्टिस राजेश बिंदल ने कहा कि निलंबित कर उनको आधा वेतन देकर क्यों विभाग पर बोझ डाल रहे हैं। जो टीचर साफ तौर पर दोषी पाए गए हैं उनको बर्खास्त क्यों नहीं किया जा रहा।

Sunday, March 16, 2014

केवीएस स्कूलों में पांचवीं कक्षा तक विद्यार्थियों को सप्ताह में पांच ही दिन जाना होगा स्कूल

केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) के स्कूलों में पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को अब सप्ताह में सिर्फ पांच ही दिन स्कूल जाना होगा। नए सत्र के लिए सभी केंद्रीय विद्यालयों के प्रिंसिपलों को सकरुलर जारी कर दिया गया है, जिसमें पहली से पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए पांच दिन ही स्कूल लगाने का निर्देश दिया गया है। प्राइमरी विंग के बच्चों को अब सप्ताह में पांच दिन ही स्कूल आना होगा, लेकिन शिक्षक छह दिन स्कूल आएंगे। फाइव डेज वीक कांस्पेट को लागू करने के पीछे आरटीई एक्ट 2009 के प्रावधानों को ध्यान में रखा गया है। इसको लेकर एक एक्सपर्ट कमेटी भी बनाई गई थी जिसके सुझावों पर यह फैसला लिया गया है। कमेटी की सिफारिशों के बाद केवीएस बोर्ड ने इसे मंजूरी दे दी है। नए नियम के मुताबिक छोटे बच्चों को सप्ताह में दो दिन ब्रेक मिलना चाहिए। इससे प्राथमिक कक्षाओं के लिए तरह-तरह की एक्टिविटीज और अध्यापकों को सीसीई स्कीम को बेहतर तरीके से लागू करने के लिए और समय मिलेगा।
आरटीई एक्ट के अनुसार पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए 200 और छठी व आठवीं क्लास के विद्यार्थियों के लिए 220 वर्किग डेज होने चाहिए। केवीएस के एक्पर्ट कमेटी की गणना के अनुसार अगर फाइव डेज वीक होता है तो 207 वर्किग डेज होंगे।

Tuesday, January 28, 2014

हरियाणा प्रदेश में 920 हाई स्कूलों में हेडमास्टर नियुक्त किए

 प्रदेश में 920 हाई स्कूलों में हेडमास्टर नियुक्त किए जा रहे हैं। चुने गए उम्मीदवारों को काउंसलिंग के लिए प्रदेशभर से 29 जनवरी से बुलाया गया है। मंगलवार को ही हरियाणा शिक्षा विभाग के निदेशालय ने अपनी वेबसाइट पर इस संबंध में सूचना अपलोड की है। इसके अनुसार 29 जनवरी को प्रदेश के हाई स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों को, 30 को महिला शिक्षकों व 31 को शेष बचे शिक्षकों को काउंसलिंग के लिए बुलाया गया है। प्रदेश में लगभग साढ़े 15 सौ हाई स्कूलों में से केवल 250 में ही हेडमास्टर कार्यरत हैं।

Tuesday, December 25, 2012

सरकारी प्राइमरी स्कूलों में प्री-प्राइमरी कक्षा से शुरू होगी पढ़ाई

बच्चों की शैक्षिक बुनियाद मजबूत करने के लिए सरकारी प्राइमरी स्कूलों की पढ़ाई कक्षा-एक से भी पहले शुरू हो सकती है। अलबत्ता, इसमें थोड़ा समय लगेगा, लेकिन सरकार ने इसका मसौदा तैयार कर लिया है। मंशा, सरकारी प्राइमरी स्कूलों की पढ़ाई प्री-प्राइमरी कक्षा से शुरू करने की है। सरकार के इस मसौदे पर राष्ट्रीय विकास परिषद की मुहर लगते ही आने वाले वर्षो में इस पर अमल शुरू हो जाएगा। योजना के तहत हर प्राइमरी स्कूल में एक प्री-प्राइमरी सेक्शन खोला जाना है। जहां चार से छह साल तक के बच्चों को उनकी रुचि और उत्सुकता के लिहाज से कम से कम एक साल तक मूल पढ़ाई से अलग रखकर सिखाया-पढ़ाया जाएगा। उसके बाद प्राइमरी की पढ़ाई शुरू होगी।कोशिश होगी कि 12 वीं योजना के अंत (2017) तक देश के कम से कम 50 प्रतिशत प्राइमरी स्कूलों में प्री-प्राइमरी कक्षाएं शुरू हो जाएं। इस मामले में शैक्षिक रूप से पिछड़े राज्यों, जिलों, ब्लाकों को प्राथमिकता दी जाएगी। वैसे तो प्राइमरी स्कूलों में प्री-प्राइमरी कक्षाओं को शुरू करने की पहल को सर्वशिक्षा अभियान (शिक्षा का अधिकार कानून) का एक हिस्सा मानते हुए उसके लिए बजट में ही अलग से प्रावधान की योजना है। जबकि, सूत्रों का कहना है कि इस पहल को अमली जामा पहनाने में बजट बड़ी समस्या है। यदि इसे 12वीं योजना (2012 से 2017) में ही अमल करना हो तो मानव संसाधन विकास मंत्रालय को 65 हजार करोड़ रुपये की दरकार होगी। अलबत्ता, इसे अगली (13वीं) योजना तक पूरा करने में संभावित 65 हजार करोड़ से कम में भी इसकी शुरुआत हो सकती है। बताते हैं कि योजना आयोग तो इस पहल को 11वीं योजना में ही शुरू करने का पक्षधर था, लेकिन यह तब नहीं हो सका। इस बार भी योजना आयोग के एजेंडे में यह प्रमुखता से शामिल है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय अपनी जरूरतों से आयोग को अवगत करा चुका है। अगली पंचवर्षीय योजना के मसौदे की मंजूरी के लिए 27 दिसंबर को राष्ट्रीय विकास परिषद की बैठक होने जा रही है। परिषद ने भी इस पर अपनी मुहर लगा दी तो योजना पर अमल होना ही है।