ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर से पदोन्नत पोस्ट ग्रेजुएट टीचर को नए स्टेशन आवंटित करने की प्रकिया शुरू हो गई है। अभी तक पीजीटी पुराने स्टेशन पर काम कर रहे थे। उनके अब ऑनलाइन ऑप्शन मांगे जाएंगे। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्कूलों में और खाली रहे 3400 पीजीटी के पदों को भी प्रमोशन से भरने के लिए केस मांगे जाएंगे।
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Friday, August 26, 2016
Friday, August 19, 2016
हरियाणा के 29 हजार प्राइमरी शिक्षकों की ऑनलाइन तबादला प्रक्रिया आरंभ
प्रदेश के प्राइमरी स्कूलों में कार्यरत करीब 29 हजार शिक्षकों
की तबादला प्रक्रिया आरंभ हो गई है। पांच साल से अधिक समय से एक ही स्थान
पर जमे शिक्षकों के तबादले तय हैं। प्रदेश सरकार ने पांच साल से कम समय से
एक स्थान पर तैनात शिक्षकों से तबादलों के बारे में राय पूछी है। ऐसे
शिक्षक यदि चाहेंगे तो उनके तबादले होंगे अन्यथा वे अपने पुराने स्थान पर
काम करते रहेंगे।
करीब 11 हजार पोस्ट ग्रेजुएट टीचर्स (पीजीटी)
की तबादला प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्राइमरी शिक्षकों के आनलाइन
तबादलों की प्रक्रिया आरंभ की गई है। मौलिक शिक्षा निदेशालय की ओर से
शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे ऑनलाइन तबादलों के लिए वेबपोर्टल खोला गया है।
Friday, July 29, 2016
गेस्ट टीचर्स मामले में शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव कोर्ट में तलब
गेस्ट टीचर्स को लेकर दिए गए एक निर्णय का 5 साल बाद भी पालन नहीं होने
पर मामला फिर से हाईकोर्ट पहुंच गया है। इस बार कोर्ट ने सीधे शिक्षा
विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को तलब किया है।
हरियाणा शिक्षा विभाग में कार्यरत गेस्ट टीचर्स सरकार और अधिकारियों के गले की फांस बने हुए हैंं। एक बार फिर गेस्ट टीचर्स मामले में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने सरकार और शिक्षा विभाग को आड़े हाथों लिया है।
दरअसल, हाईकोर्ट 30 मार्च 2011 को दिए अपने फैसले की 5 वर्ष बाद भी अनुपालना नहीं होने पर नाराज है। जस्टिस राजन गुप्ता की बेंच ने फटकार लगाते हुए शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को 24 अगस्त को व्यक्तिगत रूप से हाईकोर्ट में पेश होने का आदेश दिया।
हरियाणा शिक्षा विभाग में कार्यरत गेस्ट टीचर्स सरकार और अधिकारियों के गले की फांस बने हुए हैंं। एक बार फिर गेस्ट टीचर्स मामले में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने सरकार और शिक्षा विभाग को आड़े हाथों लिया है।
दरअसल, हाईकोर्ट 30 मार्च 2011 को दिए अपने फैसले की 5 वर्ष बाद भी अनुपालना नहीं होने पर नाराज है। जस्टिस राजन गुप्ता की बेंच ने फटकार लगाते हुए शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को 24 अगस्त को व्यक्तिगत रूप से हाईकोर्ट में पेश होने का आदेश दिया।
Wednesday, September 2, 2015
जेबीटी परिणाम की जांच अब सीएफएसएल चंडीगढ़ को
हरियाणा में जेबीटी के 9455 शिक्षकों की भर्ती के परिणाम की जांच
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट अब सेंट्रल फोरेंसिक साइंटिफिक लेबोरेटरी
(सीएफएसएल) चंडीगढ़ से कराएगी। हाईकोर्ट की ओर से सील किए गए कंप्यूटर व
हार्ड डिस्क लैब के हवाले कर दिए गए हैं। सीएफएसएल चंडीगढ़ के डायरेक्टर ने
बुधवार को बेंच के समक्ष पेश होकर कहा कि लैब में पांच दिन में ही जांच
मुकम्मल कर ली जाएगी, लेकिन हाईकोर्ट ने तीन हफ्ते में जांच पूरी करने का
निर्देश देते हुए सुनवाई 23 सितंबर के लिए स्थगित कर दी है।
Tuesday, September 1, 2015
9455 जेबीटी शिक्षकों की नियुक्ति में धांधली से इन्कार
पिछले साल चयनित 9455 जेबीटी शिक्षकों की नियुक्ति
मामले में सरकार ने धांधली से इन्कार किया है। सोमवार को कर्मचारी चयन आयोग
के सचिव महावीर कौशिक व टीचर सेलेक्शन बोर्ड की प्रोग्रामर रही सविता ने
हाईकोर्ट में हलफनामा दायर कर कहा कि अंक देने में कोई फर्जीवाड़ा नहीं हुआ।
इस जवाब से चयनित शिक्षकों को बड़ी राहत मिल सकती है। मंगलवार को कोर्ट इस
मामले में फैसला सुना सकती है।
पहले टीचर सेलेक्शन बोर्ड व अब स्टाफ सेलेक्शन कमीशन में ठेके पर कार्यरत सविता ने हलफनामे में कहा है कि फाइनल रिजल्ट तैयार करते समय चूकवश एमए पास उम्मीदवारों के दो अंक साक्षात्कार में जोड़े नहीं गए थे। बाद में गलती सामने आने के बाद इसे ठीक कर दिया गया, जबकि कुल अंक में कोई गलती नहीं थी। इसी के आधार पर मेरिट बनाकर रिजल्ट वेबसाइट पर लोड कर दिया गया। उन्होंने कहा कि यह तकनीकी चूक थी और इसमें किसी का कोई दबाव नहीं था।
पहले टीचर सेलेक्शन बोर्ड व अब स्टाफ सेलेक्शन कमीशन में ठेके पर कार्यरत सविता ने हलफनामे में कहा है कि फाइनल रिजल्ट तैयार करते समय चूकवश एमए पास उम्मीदवारों के दो अंक साक्षात्कार में जोड़े नहीं गए थे। बाद में गलती सामने आने के बाद इसे ठीक कर दिया गया, जबकि कुल अंक में कोई गलती नहीं थी। इसी के आधार पर मेरिट बनाकर रिजल्ट वेबसाइट पर लोड कर दिया गया। उन्होंने कहा कि यह तकनीकी चूक थी और इसमें किसी का कोई दबाव नहीं था।
Monday, August 3, 2015
कॉलेज एक्सटेंशन टीचर्स को मिली मंजूरी
प्रदेश के डिग्री कॉलेजों में एक्सटेंशन टीचर्स की भर्ती पर रोक के आदेश देने वाली सरकार बैकफुट पर आ गई है। सोमवार शाम हायर एजुकेशन कमिश्नर की तरफ से आदेश जारी कर दिया गया कि कॉलेजों में एक्सटेंशन पर शिक्षक रखे जा सकते हैं। बशर्ते उनके कार्य में कोई कमी नहीं होनी चाहिए।
Thursday, May 28, 2015
गेस्ट टीचर्स को नहीं मिली राहत, अपील खारिज
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा के 4073 सरप्लस गेस्ट टीचरों को बड़ा झटका दिया है। प्रदेश सरकार के नोटिस को चुनौती देती याचिका नामंजूर होने के बाद दायर अपील भी वीरवार को खारिज हो गई।
जस्टिस सूर्यकांत व जस्टिस पीबी बजंतरी की डिवीजन बेंच ने कड़ी टिप्पणी की है कि तीन साल से सरकार इन गेस्ट टीचरों को वोट बैंक के तौर पर इस्तेमाल करती आ रही है, जबकि सुप्रीम कोर्ट भी गेस्ट टीचरों को निकालने का आदेश दे चुका है।
जस्टिस सूर्यकांत व जस्टिस पीबी बजंतरी की डिवीजन बेंच ने कड़ी टिप्पणी की है कि तीन साल से सरकार इन गेस्ट टीचरों को वोट बैंक के तौर पर इस्तेमाल करती आ रही है, जबकि सुप्रीम कोर्ट भी गेस्ट टीचरों को निकालने का आदेश दे चुका है।
Wednesday, May 27, 2015
गेस्ट टीचरों पर सुनवाई 29 मई को
सरकार के नोटिस पर गेस्ट टीचरों ने डिवीजन बेंच में दायर की अपील
एकल बेंच में फटकार, सरकार ने कार्रवाई के लिए मांगा समय
हरियाणा सरकार द्वारा जारी नोटिस के खिलाफ गेस्ट टीचरों ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच में अपील दायर कर दी है। इस पर सुनवाई 29 मई को होगी। बुधवार को 4073 सरप्लस गेस्ट टीचरों को हटाने के मामले में जस्टिस अमित रावल ने सुनवाई दोपहर बाद तक स्थगित कर दी।
इस बीच गेस्ट टीचरों ने फिक्स टुडे के तहत डिविजन बेंच में अपील दायर कर दी, लेकिन जब सुनवाई शुरू हुई तो गेस्ट टीचरों के वकील कोर्ट में पेश नहीं हो पाए, जिस पर बेंच ने मामले की सुनवाई बृहस्पतिवार तक स्थगित कर दी।
एकल बेंच में फटकार, सरकार ने कार्रवाई के लिए मांगा समय
हरियाणा सरकार द्वारा जारी नोटिस के खिलाफ गेस्ट टीचरों ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच में अपील दायर कर दी है। इस पर सुनवाई 29 मई को होगी। बुधवार को 4073 सरप्लस गेस्ट टीचरों को हटाने के मामले में जस्टिस अमित रावल ने सुनवाई दोपहर बाद तक स्थगित कर दी।
इस बीच गेस्ट टीचरों ने फिक्स टुडे के तहत डिविजन बेंच में अपील दायर कर दी, लेकिन जब सुनवाई शुरू हुई तो गेस्ट टीचरों के वकील कोर्ट में पेश नहीं हो पाए, जिस पर बेंच ने मामले की सुनवाई बृहस्पतिवार तक स्थगित कर दी।
Monday, May 25, 2015
हरियाणा के 4073 अतिथि शिक्षकों की आखिरी उम्मीद भी खत्म
हरियाणा के 4073 अतिथि शिक्षकों की आखिरी उम्मीद भी खत्म हो गई है। पंजाब व हरियाणा हाई कोर्ट ने सोमवार को उन्हें हटाने के राज्य सरकार के नोटिस पर स्थगन देने से इन्कार करते हुए उनकी याचिका को खारिज कर दिया।
जस्टिस अमित रावल ने कहा कि वे इस मामले में समय खराब क्यों कर रहे हैं, जबकि सुप्रीम कोर्ट व हाई कोर्ट पहले ही स्पष्ट आदेश दे चुके हैं। गौरतलब है कि शिक्षा विभाग को इन 4073 अतिथि शिक्षकों को हटा कर 27 मई से पहले स्टेटस रिपोर्ट हाई कोर्ट में पेश करनी है। पिछली सुनवाई के दौरान प्रदेश सरकार के अतिथि शिक्षकों के प्रति नरम रवैये पर सख्त रवैया अपनाते हुए हाई कोर्ट ने मुख्य सचिव को फटकार लगाई थी और सभी को हटाने के लिए दो सप्ताह का समय दिया था। वहीं, एकल बेंच द्वारा अपील खारिज करने के बाद अतिथि शिक्षकों के सामने अब केवल डिवीजन बेंच में नोटिस को चुनौती देने का रास्ता बचा है। मंगलवार को इस मामले में अपील दायर हो सकती है।
जस्टिस अमित रावल ने कहा कि वे इस मामले में समय खराब क्यों कर रहे हैं, जबकि सुप्रीम कोर्ट व हाई कोर्ट पहले ही स्पष्ट आदेश दे चुके हैं। गौरतलब है कि शिक्षा विभाग को इन 4073 अतिथि शिक्षकों को हटा कर 27 मई से पहले स्टेटस रिपोर्ट हाई कोर्ट में पेश करनी है। पिछली सुनवाई के दौरान प्रदेश सरकार के अतिथि शिक्षकों के प्रति नरम रवैये पर सख्त रवैया अपनाते हुए हाई कोर्ट ने मुख्य सचिव को फटकार लगाई थी और सभी को हटाने के लिए दो सप्ताह का समय दिया था। वहीं, एकल बेंच द्वारा अपील खारिज करने के बाद अतिथि शिक्षकों के सामने अब केवल डिवीजन बेंच में नोटिस को चुनौती देने का रास्ता बचा है। मंगलवार को इस मामले में अपील दायर हो सकती है।
Friday, May 22, 2015
अतिथि अध्यापकों को फिलहाल पक्का नहीं करेगी सरकार
हरियाणा की मनोहर सरकार अतिथि अध्यापकों की समस्या का समाधान निकालने पर सहमत हो गई है। मास्टर (टीजीटी) पदों पर कार्यरत इन अतिथि अध्यापकों से प्रदेश सरकार नौंवी व दसवीं के विद्यार्थियों को पढ़वा सकती है। यह भी इसलिए क्योंकि स्कूलों में नौंवी व दसवीं के विद्यार्थियों की संख्या तो अधिक हैं लेकिन इनके मुकाबले शिक्षकों की भारी कमी है। यह कार्रवाई कोर्ट के माध्यम से ही होगी। इस बारे में सरकार की ओर से प्रदेश के मुख्य सचिव पहले ही पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में पेश होकर शपथ-पत्र दायर कर चुके हैं।
अतिथि शिक्षकों के आंदोलन को देखते हुए और स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के सुझाव के बाद शुक्रवार को सीएम मनोहर लाल की अध्यक्षता में मंत्रिसमूह की बैठक हुई। सीएम कार्यालय में हुई इस बैठक में राज्य मंत्री कृष्ण बेदी के छोड़कर बाकी सभी मंत्री मौजूद रहे। मंत्रिसमूह में इस बात को लेकर सर्वसम्मति बनी है कि किसी भी तरीके से गेस्ट शिक्षकों को राहत दी जाए। यह प्रस्ताव भी आया कि टीजीटी को पीजीटी के पदों पर पदोन्नति दे दी जाए, लेकिन सरकार इस पर राजी नहीं हुई। हालांकि मंत्रिसमूह की बैठक से बाहर आकर यही दावा किया गया कि टीजीटी को पीजीटी के पदों पर पदोन्नति के बाद जो टीजीटी (मास्टर) के जो पद खाली रह जाएंगे, उन पर अतिथि अध्यापकों को एडजेस्ट किया जाएगा।
अतिथि शिक्षकों के आंदोलन को देखते हुए और स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के सुझाव के बाद शुक्रवार को सीएम मनोहर लाल की अध्यक्षता में मंत्रिसमूह की बैठक हुई। सीएम कार्यालय में हुई इस बैठक में राज्य मंत्री कृष्ण बेदी के छोड़कर बाकी सभी मंत्री मौजूद रहे। मंत्रिसमूह में इस बात को लेकर सर्वसम्मति बनी है कि किसी भी तरीके से गेस्ट शिक्षकों को राहत दी जाए। यह प्रस्ताव भी आया कि टीजीटी को पीजीटी के पदों पर पदोन्नति दे दी जाए, लेकिन सरकार इस पर राजी नहीं हुई। हालांकि मंत्रिसमूह की बैठक से बाहर आकर यही दावा किया गया कि टीजीटी को पीजीटी के पदों पर पदोन्नति के बाद जो टीजीटी (मास्टर) के जो पद खाली रह जाएंगे, उन पर अतिथि अध्यापकों को एडजेस्ट किया जाएगा।
Monday, May 11, 2015
हाईकोर् का गेस्ट टीचरों को दो सप्ताह में हटाने का निर्देश
पंजाब
एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने अतिथि अध्यापकों के प्रति सरकार के नरम रवैये पर
सख्त रुख अपनाते हुए मुख्य सचिव को आदेश दिया है कि दो सप्ताह के भीतर 4073
सरप्लस टीचर को हटा कर रिपोर्ट दायर करें।
सोमवार को सुनवाई के दौरान पीठ ने आदेश के बावजूद इन गेस्ट टीचर को नहीं हटाने पर कोर्ट रूम में मौजूद मुख्य सचिव डीएस ढेसी व स्कूल विभाग के प्रधान सचिव टीसी गुप्ता को फटकार लगाते हुए अवमानना के तहत कार्रवाई करने का संकेत दे दिया। बाद में दोनों अफसरों द्वारा माफी मांगने पर पीठ नरम पड़ी और निर्देश दिया कि सरकार पब्लिकेशन के तहत नोटिस जारी कर दो सप्ताह में इनकी सेवा समाप्त करे।
बहस के दौरान याचिकाकर्ता के वकील जसबीर मोर ने पीठ को बताया कि ये टीचर सरप्लस नहीं हैं क्योंकि ये अब भी जमा दो क्लास तक पढ़ा रहे हैं। पीजीटी टीचर की नियुक्ति के बाद ही इन्हें सरप्लस माना जाए। सरकार ने भी याचिकाकर्ता के वकील की इस बात पर सहमति दी। इस पर पीठ ने सवाल उठाया कि बीएड टीचर अगर जमा दो तक पढ़ाएं तो पढ़ाई का क्या स्तर रह जाएगा। सरकार अब अपनी बात से बदल रही है कि ये टीचर सरप्लस नहीं हैं जबकि पहले सरकार ने खुद हलफनामा देकर इनको सरप्लस बताया था। ऐसे में अब सरकार को इन टीचर को हटाना ही पड़ेगा। सुनवाई के दौरान सरकार ने नए पीजीटी भर्ती का कार्यक्रम की कोर्ट को जानकारी दी।
पीठ को बताया गया कि एक महीने के भीतर भर्ती का विज्ञापन जारी कर दिया जाएगा।
एडवोकेट जगबीर मलिक ने सरकार पर आरोप लगाया कि सरकार हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट के आदेश की गंभीरता से नहीं ले रही और आदेशों की पालना नहीं कर रही। हर महीने सरकार इन सरप्लस टीचर पर लगभग 9 करोड़ रुपये वेतन के नाम पर खर्च कर रही है जबकि इनका कोई काम नहीं है। मलिक ने आरोप लगाया कि राज्य में 15 हजार गेस्ट टीचर कार्यरत हैं। इनको रखने के लिए सरकार नियमित टीचरों की नियुक्ति नहीं कर रही। सरकार की यही कोशिश रहती है कि गेस्ट टीचर को कैसे बचाया जाए।
सोमवार को सुनवाई के दौरान पीठ ने आदेश के बावजूद इन गेस्ट टीचर को नहीं हटाने पर कोर्ट रूम में मौजूद मुख्य सचिव डीएस ढेसी व स्कूल विभाग के प्रधान सचिव टीसी गुप्ता को फटकार लगाते हुए अवमानना के तहत कार्रवाई करने का संकेत दे दिया। बाद में दोनों अफसरों द्वारा माफी मांगने पर पीठ नरम पड़ी और निर्देश दिया कि सरकार पब्लिकेशन के तहत नोटिस जारी कर दो सप्ताह में इनकी सेवा समाप्त करे।
बहस के दौरान याचिकाकर्ता के वकील जसबीर मोर ने पीठ को बताया कि ये टीचर सरप्लस नहीं हैं क्योंकि ये अब भी जमा दो क्लास तक पढ़ा रहे हैं। पीजीटी टीचर की नियुक्ति के बाद ही इन्हें सरप्लस माना जाए। सरकार ने भी याचिकाकर्ता के वकील की इस बात पर सहमति दी। इस पर पीठ ने सवाल उठाया कि बीएड टीचर अगर जमा दो तक पढ़ाएं तो पढ़ाई का क्या स्तर रह जाएगा। सरकार अब अपनी बात से बदल रही है कि ये टीचर सरप्लस नहीं हैं जबकि पहले सरकार ने खुद हलफनामा देकर इनको सरप्लस बताया था। ऐसे में अब सरकार को इन टीचर को हटाना ही पड़ेगा। सुनवाई के दौरान सरकार ने नए पीजीटी भर्ती का कार्यक्रम की कोर्ट को जानकारी दी।
पीठ को बताया गया कि एक महीने के भीतर भर्ती का विज्ञापन जारी कर दिया जाएगा।
एडवोकेट जगबीर मलिक ने सरकार पर आरोप लगाया कि सरकार हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट के आदेश की गंभीरता से नहीं ले रही और आदेशों की पालना नहीं कर रही। हर महीने सरकार इन सरप्लस टीचर पर लगभग 9 करोड़ रुपये वेतन के नाम पर खर्च कर रही है जबकि इनका कोई काम नहीं है। मलिक ने आरोप लगाया कि राज्य में 15 हजार गेस्ट टीचर कार्यरत हैं। इनको रखने के लिए सरकार नियमित टीचरों की नियुक्ति नहीं कर रही। सरकार की यही कोशिश रहती है कि गेस्ट टीचर को कैसे बचाया जाए।
Friday, May 8, 2015
जेबीटी भर्ती में रिक्त पदों पर एचटेट-2014 पास को भी मिलेगा मौका !
9870 जेबीटी भर्ती में 9455 चयनित जेबीटी उम्मीदवारों के बाद शेष
बचे रिक्त पदों पर सिर्फ एचटेट-2013 पास उम्मीदवारों को कंसीडर करने के
विरुद्ध एचटेट-2014 पास उम्मीदवार द्वारा दायर याचिका पर हाईकोर्ट ने
हरियाणा सरकार, शिक्षा विभाग आदि को किया नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
एचटेट-2014 पास एक उम्मीदवार ने हाईकोर्ट में दायर अपनी याचिका में कहा है
कि उसने कटऑफ डेट 08-12-2012 से पहले
जेबीटी डिप्लोमा पास किया हुआ है और 2014 में एचटेट भी पास कर लिया था।
याचिका में कहा गया है कि कटऑफ डेट के बाद 9870 पदों की जेबीटी भर्ती में
खाली बची सीटों पर अगर एचटेट-2013 पास उम्मीदवारों को सरकार कंसीडर कर सकती
है तो एचटेट-2014 पास करने पर उसको भी कंसीडर किया जाए क्योकि संविधान में
प्रदत अधिकारों के अनुसार पब्लिक एम्प्लॉयमेंट में रिक्त पदों पर समान रूप
से सभी योग्य उम्मीदवारों को आवेदन करने का मौका मिलना चाहिए। रिक्त पदों
पर उसका भी समान रूप से अधिकार बनता है।
Wednesday, May 6, 2015
वेटिंग उम्मीदवारों का भी होगा हरियाणा जेबीटी भर्ती में चयन
आठमाह से नियुक्ति पत्र की बाट जोह रहे नव चयनित जेबीटी टीचरों का रास्ता पूरी तरह से साफ होने से प्रदेश के नौ हजार से अधिक जेबीटी अध्यापकों को बहुत बड़ी राहत मिली है।
वहीं दूसरी तरफ चयनित सूची में वेटिंग में आए उम्मीदवारों का चयन भी हो सकता है। क्योंकि वैज्ञानिक जांच अंगूठा जांच के दौरान 450 से अधिक नव चयनित जेबीटी पहुंचे ही नहीं। जबकि वेटिंग में संख्या 450 से कम है। इसीलिए प्रदेश सरकार ने वेटिंग में आए उम्मीदवारों की वैज्ञानिक जांच भी पहले से ही करा ली है, ताकि सीटें खाली बचें तो वहां पर इनको ज्वाइनिंग दी जा सके। जिससे उनमें भी खुशी की लहर है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के प्राथमिक स्कूलों में छात्रों की संख्या के मुताबिक अध्यापकों की कमी होने के कारण सरकारी स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हो रही है। जेबीटी भर्ती होने के बाद स्कूलों में अध्यापकों की कमी भी दूर हो जाएगी।
वहीं दूसरी तरफ चयनित सूची में वेटिंग में आए उम्मीदवारों का चयन भी हो सकता है। क्योंकि वैज्ञानिक जांच अंगूठा जांच के दौरान 450 से अधिक नव चयनित जेबीटी पहुंचे ही नहीं। जबकि वेटिंग में संख्या 450 से कम है। इसीलिए प्रदेश सरकार ने वेटिंग में आए उम्मीदवारों की वैज्ञानिक जांच भी पहले से ही करा ली है, ताकि सीटें खाली बचें तो वहां पर इनको ज्वाइनिंग दी जा सके। जिससे उनमें भी खुशी की लहर है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के प्राथमिक स्कूलों में छात्रों की संख्या के मुताबिक अध्यापकों की कमी होने के कारण सरकारी स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हो रही है। जेबीटी भर्ती होने के बाद स्कूलों में अध्यापकों की कमी भी दूर हो जाएगी।
Tuesday, May 5, 2015
हरियाणा में फिलहाल नहीं हटेंगे आर्ट्स और क्राफ्ट्स टीचर्स
पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट की एकल बेंच द्वारा 20 फरवरी को 816 आर्ट्स और
क्राफ्ट्स टीचर्स की नियुक्तियां रद करने के फैसले पर रोक लगाते हुए
डिवीजन बेंच ने यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है। जस्टिस एसके मित्तल व
जस्टिस एचएस सिद्धू की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि फिलहाल इन टीचरों को
हटाया न जाए। हालांकि पांच महीने के भीतर नई भर्तियां करने का आदेश लागू
रहेगा।
विदित रहे कि जस्टिस राजेश बिंदल ने नियुक्तियों के खिलाफ दायर 22 याचिकाओं पर अपने 33 पेज के फैसले में हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन के तत्कालीन चेयरमैन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा था कि तत्कालीन मुख्यमंत्री ने कम अकादमिक स्तर के आवेदकों को नियुक्त करने के लिए ही योग्यता के पैमाने में तबदीली की थी। चेयरमैन खुद में ही एक पूरे कमीशन के तौर पर काम कर रहे थे। पैमाना बदलने के लिए कमीशन के अन्य सात सदस्यों की स्वीकृति तक नहीं ली गई थी। इनकी कार्यप्रणाली देखकर लगता था कि यह कमीशन एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की तरह काम कर रहा था।
विदित रहे कि जस्टिस राजेश बिंदल ने नियुक्तियों के खिलाफ दायर 22 याचिकाओं पर अपने 33 पेज के फैसले में हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन के तत्कालीन चेयरमैन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा था कि तत्कालीन मुख्यमंत्री ने कम अकादमिक स्तर के आवेदकों को नियुक्त करने के लिए ही योग्यता के पैमाने में तबदीली की थी। चेयरमैन खुद में ही एक पूरे कमीशन के तौर पर काम कर रहे थे। पैमाना बदलने के लिए कमीशन के अन्य सात सदस्यों की स्वीकृति तक नहीं ली गई थी। इनकी कार्यप्रणाली देखकर लगता था कि यह कमीशन एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की तरह काम कर रहा था।
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