पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट की एकल बेंच द्वारा 20 फरवरी को 816 आर्ट्स और
क्राफ्ट्स टीचर्स की नियुक्तियां रद करने के फैसले पर रोक लगाते हुए
डिवीजन बेंच ने यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है। जस्टिस एसके मित्तल व
जस्टिस एचएस सिद्धू की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि फिलहाल इन टीचरों को
हटाया न जाए। हालांकि पांच महीने के भीतर नई भर्तियां करने का आदेश लागू
रहेगा।
विदित रहे कि जस्टिस राजेश बिंदल ने नियुक्तियों के खिलाफ दायर 22 याचिकाओं पर अपने 33 पेज के फैसले में हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन के तत्कालीन चेयरमैन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा था कि तत्कालीन मुख्यमंत्री ने कम अकादमिक स्तर के आवेदकों को नियुक्त करने के लिए ही योग्यता के पैमाने में तबदीली की थी। चेयरमैन खुद में ही एक पूरे कमीशन के तौर पर काम कर रहे थे। पैमाना बदलने के लिए कमीशन के अन्य सात सदस्यों की स्वीकृति तक नहीं ली गई थी। इनकी कार्यप्रणाली देखकर लगता था कि यह कमीशन एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की तरह काम कर रहा था।
विदित रहे कि जस्टिस राजेश बिंदल ने नियुक्तियों के खिलाफ दायर 22 याचिकाओं पर अपने 33 पेज के फैसले में हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन के तत्कालीन चेयरमैन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा था कि तत्कालीन मुख्यमंत्री ने कम अकादमिक स्तर के आवेदकों को नियुक्त करने के लिए ही योग्यता के पैमाने में तबदीली की थी। चेयरमैन खुद में ही एक पूरे कमीशन के तौर पर काम कर रहे थे। पैमाना बदलने के लिए कमीशन के अन्य सात सदस्यों की स्वीकृति तक नहीं ली गई थी। इनकी कार्यप्रणाली देखकर लगता था कि यह कमीशन एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की तरह काम कर रहा था।
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