Wednesday, May 7, 2014

तैयार की जा रही हरियाणा पीजीटी अध्यापकों की भर्ती लिस्ट

लोकसभा चुनाव नतीजे आने के तुरंत बाद पिछले दो वर्ष से लटक रही पीजीटी अध्यापकों की भर्ती की सूची जारी होने की संभावना है। इस पर तेजी से काम चल रहा है और उम्मीद है कि 31 मई से पहले-पहले सूची जारी हो जाएगी। हरियाणा अध्यापक भर्ती बोर्ड के चेयरमैन की इस संबंध में संबंधित उच्च अधिकारियों के साथ कई बैठकें हो चुकी हैं। इसी आधार पर पीजीटी अध्यापकों की भर्ती लिस्ट को तैयार करने की प्रक्रिया में तेजी लाई जा रही है।
 बताया जाता है कि संस्कृत, बायोलाजी व फिजिकल एजूकेशन के परिणाम लंबे समय से रुके हुए थे। आचार संहिता खत्म होते ही इन विषयों के शिक्षकों की सूची जारी होनी है।

Sunday, April 27, 2014

सितंबर में शिक्षक पात्रता परीक्षा HTET 2014 कराने की तैयारी


अगर सब कुछ ठीक ठाक रहा तो इसी साल सितंबर में हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा हो सकती है। इसके लिए हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड प्रशासन ने पूरा प्रपोजल तैयार कर लिया है।
बोर्ड प्रशासन इस परीक्षा के लिए लोकसभा चुनावों के परिणाम घोषित होने के बाद इस प्रपोजल को स्वीकृति के लिए सरकार के पास भेजेगा। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने इसी साल फरवरी में एचटेट परीक्षा ली थी। मगर, उस समय गहरी धुंध के कारण कई परीक्षार्थी समय पर परीक्षा केंद्रों पर नहीं पहुंच पाए थे। वहीं मार्च और अप्रैल में शिक्षा बोर्ड द्वारा 10वीं और 12वीं की वार्षिक परीक्षाओं के कारण एचटेट परीक्षा नहीं करा सकता।
इसी प्रकार अक्टूबर में भी इन कक्षाओं की पहले सेमेस्टर की परीक्षाएं होती हैं। दूसरी ओर दिसंबर और जनवरी में भी धुंध और सर्दी के कारण एचटेट परीक्षा का सफल संचालन नहीं कराया जा सकता। इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए बोर्ड प्रशासन ने आगामी एचटेट परीक्षा इसी साल सितंबर के बीच में ही कराने का प्लान बनाया है।


Friday, April 25, 2014

हरियाणा पीजीटी हिंदी की नियुक्तियों को चुनाव आयोग की हरी झंडी

केंद्रीय चुनाव आयोग ने हरियाणा में पीजीटी हिंदी के चयनित पुरुष उम्मीदवारों की नियुक्ति को हरी झंडी दे दी है। आयोग की मंजूरी के बाद 593 पुरुष पीजीटी उम्मीदवारों की जल्द नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है। ये उम्मीदवार बीते डेढ़ महीने से नियुक्ति पत्र के लिए दर-दर भटक रहे थे। बृहस्पतिवार को जैसे ही चुनाव आयोग से नियुक्ति प्रक्रिया को अमलीजामा पहनाने की स्वीकृति मिलने की ई-मेल राज्य निर्वाचन विभाग में पहुंची, इनकी उम्मीदों को पंख लग गए।

Tuesday, April 15, 2014

यूजीसी नेट के लिए आवेदन आवेदन प्रक्रिया शुरू

यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) ने जून में होने वाली राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। यूजीसी की मौजूदा व्यवस्था के मुताबिक छात्रों को ऑनलाइन आवेदन करने के बाद समन्वयक केंद्र पर फॉर्म भेजना होता है। इसके बाद समन्वयक केंद्र की वेबसाइट पर छात्रों को परीक्षा केंद्र और अन्य जानकारी दी जाती है।
इस बार हरियाणा में दीनबंधु छोटूराम यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, मुरथल को नई समन्वयक यूनिवर्सिटी बनाया गया है। जबकि, गुड़गांव-फरीदाबाद के लिए वाईएमसीए यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी को समन्वयक यूनिवर्सिटी बरकरार रखा है।
यूजीसी के मुताबिक, जून में होने वाली परीक्षा के लिए देश भर में सात नए समन्वयक यूनिवर्सिटी बनाई गई है। इसका मकसद छात्रों को सहूलियत देना है।

Sunday, April 13, 2014

हरियाणा नौकरी व दाखिले के समय सत्यापित प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने का झंझट खत्म

हरियाणा प्रदेश सरकार ने नौकरी व दाखिले के समय सत्यापित प्रमाणपत्र या अन्य दस्तावेज प्रस्तुत करने का झंझट खत्म कर दिया है। मूल प्रमाणपत्र व अन्य दस्तावेज अब साक्षात्कार के समय ही दिखाने होंगे। राज्य सरकार ने स्व-प्रमाणीकरण के प्रावधान के तहत यह व्यवस्था लागू की है। अब आवेदकों को विभिन्न संगठनों या शैक्षणिक संस्थानों में नौकरियों या दाखिले के लिए आवेदन करते समय अंक तालिका जैसे दस्तावेजों या प्रमाणपत्रों की सत्यापित प्रतियां लगाने की आवश्यकता नहीं होगी। सरकार के अनुसार स्व-प्रमाणीकरण प्रणाली नागरिक मैत्री है और इससे धन और समय की बचत होती है। अभी तक आवेदकों को प्रमाण पत्र सत्यापित कराने के लिए अधिकृत अधिकारियों के पास चक्कर काटने पड़ते हैं, जिससे जल्द ही छुटकारा मिलने की उम्मीद है। स्व-प्रमाणीकरण को अपनाने की दूसरा प्रशासनिक सुधार आयोग अपनी 12वीं रिपोर्ट ‘सिटीजन सैंटरिक एडमिनिस्टेशन - द हर्ट आफ गवर्नेस’ में प्रक्रिया के सरलीकरण के लिए सिफारिश कर चुका है। इस पर गौर के बाद सरकार ने मामले पर पुनर्विचार कर यह फैसला लागू किया है। अब सरकारी कार्यालयों के अलावा अर्ध-सरकारी, बोर्डो, निगमों, स्कूलों व संगठनों में आवेदकों के आवेदन स्व-सत्यापित दस्तावेज या प्रमाणपत्र के साथ ही स्वीकार किए जाएंगे। अभी तक प्रमाणपत्रों के सत्यापन में काफी श्रम लग जाता था

Sunday, March 16, 2014

केवीएस स्कूलों में पांचवीं कक्षा तक विद्यार्थियों को सप्ताह में पांच ही दिन जाना होगा स्कूल

केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) के स्कूलों में पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को अब सप्ताह में सिर्फ पांच ही दिन स्कूल जाना होगा। नए सत्र के लिए सभी केंद्रीय विद्यालयों के प्रिंसिपलों को सकरुलर जारी कर दिया गया है, जिसमें पहली से पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए पांच दिन ही स्कूल लगाने का निर्देश दिया गया है। प्राइमरी विंग के बच्चों को अब सप्ताह में पांच दिन ही स्कूल आना होगा, लेकिन शिक्षक छह दिन स्कूल आएंगे। फाइव डेज वीक कांस्पेट को लागू करने के पीछे आरटीई एक्ट 2009 के प्रावधानों को ध्यान में रखा गया है। इसको लेकर एक एक्सपर्ट कमेटी भी बनाई गई थी जिसके सुझावों पर यह फैसला लिया गया है। कमेटी की सिफारिशों के बाद केवीएस बोर्ड ने इसे मंजूरी दे दी है। नए नियम के मुताबिक छोटे बच्चों को सप्ताह में दो दिन ब्रेक मिलना चाहिए। इससे प्राथमिक कक्षाओं के लिए तरह-तरह की एक्टिविटीज और अध्यापकों को सीसीई स्कीम को बेहतर तरीके से लागू करने के लिए और समय मिलेगा।
आरटीई एक्ट के अनुसार पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए 200 और छठी व आठवीं क्लास के विद्यार्थियों के लिए 220 वर्किग डेज होने चाहिए। केवीएस के एक्पर्ट कमेटी की गणना के अनुसार अगर फाइव डेज वीक होता है तो 207 वर्किग डेज होंगे।

Friday, March 7, 2014

हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा पास करने वाले 90 फीसद टीचर फर्जी

अध्यापक पात्रता परीक्षा पास करने में प्रदेश के 90 फीसद जेबीटी टीचरों ने बड़े-बड़े मुन्ना भाइयों को भी पीछे छोड़ दिया है। फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) मधुबन की जांच रिपोर्ट में सामने आया है कि वर्ष 2011 में नियुक्ति पाने वाले जेबीटी टीचरों में सिर्फ 1093 ऐसे हैं, जिन्होंने पात्रता परीक्षा सही तरीके से पास की है।
शुक्रवार को हाई कोर्ट में मौलिक शिक्षा विभाग के महानिदेशक डी सुरेश कुमार ने हलफनामा देकर बताया कि उच्च न्यायालय के आदेश पर शिक्षा विभाग ने 2011 में जेबीटी टीचर नियुक्त हुए 8285 टीचरों द्वारा फर्जी तरीके से अध्यापक पात्रता परीक्षा पास करने की जांच शुरू की थी। विभाग ने सभी टीचरों के आवेदन फार्म व उत्तरपुस्तिका (ओएमआर सीट) पर अंगूठे के निशान की जांच की व इसकी एफएसएल जांच करवाई। एफएसएल जांच में जो रिपोर्ट आई वह चौंकाने वाली है। जांच में केवल 1093 टीचर ऐसे मिले जिनके अध्यापक पात्रता परीक्षा के आवेदन फार्म व उत्तर पुस्तिका पर अंगूठे के निशान एक जैसे मिले। बाकी 6800 टीचरों के अंगूठे के निशान नहीं मिल रहे हैं। इससे इन टीचरों का अध्यापक पात्रता परीक्षा पास करना संदेह के दायरे में है।
हलफनामे के अनुसार एफएसएल जांच में पाया गया कि केवल 1093 शिक्षकों ने सही तरीके से परीक्षा पास की है, जबकि 751 टीचरों ने फर्जी तरीके से परीक्षा पास की है। रिपोर्ट के अनुसार 6049 टीचर परीक्षा पास करने में संदिग्ध पाए गए हैं। 390 टीचर ऐसे हैं जिन्होंने या तो नौकरी छोड़ दी है या भय की वजह से अपने अंगूठे की जांच नहीं करवाई या अन्य कारणों से वे जांच में नहीं आ पाए। 2 टीचर ऐसे हैं जिनका रिकार्ड नहीं मिल पाया।

भर्ती में बड़े स्तर पर हुई धांधली : हाई कोर्ट के जस्टिस एजी मसीह ने इस जांच रिपोर्ट को रिकार्ड पर रखते हुए सरकार को निर्देश दिया कि संदिग्ध 6049 की पूर्ण जांच कर अगली सुनवाई तक कोर्ट में पेश की जाए। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील जसबीर मोर ने कोर्ट को कहा कि जांच में साफ हो गया है कि इस भर्ती में बड़े स्तर पर धांधली हुई है, लिहाजा इनकी भर्ती रद कर याचिकाकर्ता व प्रतीक्षा सूची में रहे उम्मीदवारों को नियुक्ति दी जाए। मोर ने कोर्ट को बताया कि इस मामले में सरकार की तरफ से शुरू में कहा गया था कि दोषी टीचर्स के प्रमाण पत्र रद कर उनके खिलाफ पुलिस जांच कराई जाएगी।