Tuesday, March 12, 2013

हरियाणा स्कूल टीचर्स सिलेक्शन बोर्ड बनाने पर नोटिस

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर हरियाणा स्कूल टीचर्स सिलेक्शन बोर्ड के गठन पर सवाल उठाए गए हैं।आरोप है कि बोर्ड चेयरमैन व सदस्य सत्तापक्ष के करीबी हैं बोर्ड को खारिज करने की मांग वाली इस याचिका पर प्राथमिक सुनवाई के बाद चीफ जस्टिस एके सीकरी व जस्टिस आरके जैन की बैंच ने राज्य सरकार और बोर्ड के चेयरमैन व सदस्यों को 11 अप्रैल के लिए नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

हरियाणा - तय सीमा में पूरी होगी शिक्षक भर्ती

हरियाणा की शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल ने कहा कि स्कूल काडर में 14,000 प्राध्यापकों की भर्ती की प्रक्रिया चल रही है और यह जून 2013 तक पूरी हो जाएगी। 9600 जेबीटी अध्यापकों की भर्ती भी समय पर पूरी की जाएगी। भुक्कल सोमवार को  गवर्नमेंट गल्र्स कॉलेज, सेक्टर-11, चंडीगढ़ में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही थीं।

Monday, March 11, 2013

नीट यूजी का परीक्षा कार्यक्रम जारी, पीएमटी पर अब भी असमंजस

मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में दाखिले के लिए नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेस टेस्ट (नीट-यूजी) 5 मई को होगा। परीक्षा सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) लेगा। इस परीक्षा से राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों की ऑल इंडिया कोटे की 15 फीसदी सीटों पर एडमिशन होगा। बोर्ड ने उम्मीदवारों के फॉर्म भरवाने  की प्रक्रिया पूरी कर ली है। अप्रैल में प्रवेश पत्र बोर्ड की वेबसाइट पर जारी कर दिए जाएंगे। 
 
चिकित्सा शिक्षा विभाग भी पीएमटी के संबंध में तस्वीर साफ नहीं कर पा रहा है।  नीट यूजी से राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों की ऑल इंडिया कोटे के तहत रिजर्व 15 फीसदी सीटों पर एडमिशन होगा। बोर्ड ने परीक्षा में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों के फॉर्म भरवाने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। अप्रैल में इन उम्मीदवारों के प्रवेश पत्र बोर्ड की वेबसाइट पर जारी होंगे।जिन्हें डाउनलोड कर आवेदक परीक्षा दे सकेंगे।
 
नीट-यूजी में उम्मीदवार को 3 घंटे में 180 वस्तुनिष्ठ (ऑब्जेक्टिव) प्रश्नों के जवाब देने होंगे। प्रत्येक सही प्रश्न के उत्तर में विद्यार्थी को 4 नंबर दिए जाएंगे। साथ ही गलत जवाब देने पर एक नंबर काटा जाएगा। यह प्रावधान बोर्ड ने नीट यूजी 2013 की नियमावली में किया है।

Friday, March 8, 2013

एचटेट: अशक्त परीक्षार्थियों को नहीं मिलेंगे ग्रेस माक्र्स

हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा (एच टेट) के अशक्त श्रेणी के परीक्षार्थियों के लिए बुरी खबर है। बोर्ड ने हाईकोर्ट द्वारा याचिकाकर्ताओं के साथ-साथ 2011 के इस श्रेणी के सभी परीक्षार्थियों को पांच फीसदी अंक की ग्रेस देने के फैसले को मानने से इंकार कर दिया है। बोर्ड प्रशासन ने कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर कर दी है। हालांकि इस बारे में बोर्ड अधिकारियों ने पुष्टि करने से इंकार किया है।
एच टेट में सिर्फ एससी वर्ग के परीक्षार्थियों को ही पांच फीसदी अंकों की छूट का प्रावधान है। बोर्ड द्वारा नवंबर 2011 में ली गई पात्रता परीक्षा के दौरान अशक्त श्रेणी के परीक्षार्थियों ने भी पांच फीसदी अंकों की छूट देने की मांग की थी। बोर्ड ने इसे मानने से इंकार कर दिया था। इसके बाद कुछ परीक्षार्थियों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने अक्टूबर 2012 में फैसला सुनाते हुए बोर्ड को याचिकाकर्ताओं सहित 2011 में हुई परीक्षा में इस श्रेणी के शामिल सभी परीक्षार्थियों को पांच फीसदी अंकों की ग्रेस देने का आदेश दिया।
उधर कोर्ट के फैसले के बावजूद बोर्ड ने परीक्षार्थियों को इस फैसले का लाभ देने से इंकार कर दिया है। बोर्ड ने इस फैसले के खिलाफ याचिका भी दायर कर दी है।
बोर्ड के मुताबिक कोर्ट ने यह फैसला अक्टूबर 2012 में सुनाया है, जबकि उनकी परीक्षा 2011 में हुई थी। वह अक्टूबर 2012 के बाद से परीक्षार्थियों को इसका फायदा दे सकते हैं, लेकिन पिछली परीक्षा के परीक्षार्थियों को इस फैसले का लाभ नहीं दे सकते। 

स्कूल टीचर योग्यता परीक्षा (एसटेट) सर्टिफिकेट 2016 तक रहेंगे वैध

वर्ष 2008 व 2009 में हुई स्कूल टीचर योग्यता परीक्षा (एसटेट) के सर्टिफिकेट की वैधता वर्ष 2016 तक बनी रहेगी। वर्ष 2011 में हुई एचटेट परीक्षा के प्रॉस्पेक्टस के पेज नंबर 10 पर यह सूचना दी हुई है।
 पिछले 15 दिनों से प्रदेशभर के 2008 व 2009 में एसटेट पास उम्मीदवारों की धड़कने बढ़ी हुई थी, जिसका मुख्य कारण एसटेट सर्टिफिकेट की वैधता 2013 में खत्म होने को लेकर था। किसी तरह यह बात उम्मीदवारों तक पहुंचाई गई कि 2008 व 2009 में हुए एसटेट परीक्षा की वैधता वर्ष 2013 में खत्म हो रही है, लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। इससे उन पर दोबारा परीक्षा दिए जाने का बोझ बढ़ता जा रहा था। लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं है। 2008 व 2009 में हुई एसटेट के सर्टिफिकेट की वैद्यता 2016 तक जारी रहेगा, ऐसा 2011 में हुई एचटेट के प्रॉस्पेक्टस के पेज नंबर 10 पर लिखा हुआ है। यहां स्पष्ट किया गया है कि एसटेट व एचटेट सर्टिफिकेट की वैधता 2016 में खत्म होगी। इसमें 2008 व 2009 में हुई एसटेट परीक्षा पास उम्मीदवारों के सर्टिफिकेट शामिल होंगे।

Wednesday, March 6, 2013

एचटेट में भाषा शिक्षकों की कैटेगरी में अंग्रेजी विषय भी शामिल

इस बार हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा (एचटेट) की टीजीटी कैटेगरी अंग्रेजी विषय को शामिल किया गया है। यह फैसला शिक्षा बोर्ड ने शिक्षा विभाग द्वारा अंग्रेजी मास्टर के पद सृजित करने के तहत लिया है। 

उल्लेखनीय है कि अब तक स्कूलों में सामाजिक विज्ञान(एसएस) विषय का ही मास्टर अंग्रेजी विषय को पढ़ाता है। मगर, अब विभाग ने अंग्रेजी मास्टर का एक अलग से पद बना दिया है। विभाग ने इसे भाषा शिक्षक की कैटेगरी में शामिल किया है। इससे पहले तक भाषा शिक्षकों में उर्दू, हिंदी, संस्कृत व पंजाबी शामिल है। शिक्षा विभाग के इस फैसले के बाद शिक्षा बोर्ड ने इसे एचटेट में भी शामिल कर लिया है।

इसके अलावा बोर्ड ने एचटेट नियमों में एक बदलाव भी किया है। इसके तहत बीएड पास आवेदक जेबीटी के लिए आवेदन नहीं कर सकेंगे। पिछली दफा बोर्ड ने बीएड पास को जेबीटी के लिए आवेदन करने की छूट दी थी।
हालांकि एचटेट के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू करने की तिथि पर अंतिम मुहर नहीं लगाई।  सूत्रों के मुताबिक आवेदनकर्ताओं को आवेदन के लिए 15 दिन का समय दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि एचटेट के लिए 27 व 28 अप्रैल निर्धारित की गई है और इस दफा इस परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे जाएंगे।  

Tuesday, March 5, 2013

पीएचडी होल्डर सहायक प्रोफेसर पद के योग्य

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने मंगलवार को एक साथ कई याचिकाओं पर अपना फैसला सुनाते कहा कि वो सभी उम्मीदवार सहायक प्रोफेसर पद के लिए योग्य है जिसने किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से पीएचडी की हुई है। इस मामले में याचिकाकर्ता ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर हरियाणा सरकार की उस अधिसूचना को चुनौती दी थी जिसके तहत हरियाणा सरकार ने जनवरी में एक अधिसूचना जारी कर कॉलेज में सहायक प्रोफेसर पद पर नियुक्ति के लिए नेट पास या किसी भी ए ग्रेड विश्र्वविद्यालय से पीएचडी होने की शर्त लगाई थी। इस मामले में याचिकाकर्ता ने कोर्ट में हरियाणा सरकार के इस आदेश को चुनौती देते हुए कहा था कि वे राज्य से बाहर मान्यता प्राप्त विश्र्वविद्यालय से पीएचडी होल्डर है। यह विश्वविद्यालय यूजीसी से मान्यता प्राप्त है। इसलिए सरकार को कोई अधिकार नहीं है कि वह ए या बी ग्रेड स्तर पर विश्वविद्यालय होने के आधार पर उनकी डिग्री का आकलन करे। याचिकाकर्ता ने कोर्ट से मांग की कि वह सरकार के उस आदेश को रद करे जिसके तहत केवल ए ग्रेड विश्वविद्यालय से पीएचडी करने वाले उम्मीदवारों को सहायक प्रोफेसर पद के लिए योग्य माना गया है।