Thursday, January 10, 2013

हरियाणा और चंडीगढ़ के युवाओं के लिए भर्ती रैली 5 फरवरी से

भारतीय थल सेना के भर्ती कार्यालय अंबाला की ओर से करनाल के कर्ण स्टेडियम में आगामी 5 से 13 फरवरी तक भर्ती रैली आयोजित की जाएगी। सेना भर्ती अधिकारी कर्नल यू. मुखर्जी ने बताया कि भर्ती सुबह 5 बजे शुरू होगी।
सिपाही की भर्ती के लिए ऐसे युवाओं को ही स्टेडियम में प्रवेश दिया जाएगा, जिनका कद 170 सेंटीमीटर होगा। क्लर्क भर्ती में 162 सेंटीमीटर लंबाई वाला युवा भाग ले सकेगा। पांच फरवरी को धार्मिक शिक्षक जिनमें पंडित, मौलवी, पादरी, मजहबी, सिख एवं रामदासियों की भर्ती की जाएगी।
6 फरवरी को जिला करनाल, पंचकूला एवं चंडीगढ़, 7 को अंबाला, 8 को कैथल, 9 को कुरुक्षेत्र और यमुनानगर, 10 को सभी जातियों के सोल्जर, स्टोर कीपर, 11 को क्लर्क, 12 को स्टोर कीपर कैथल एवं चंडीगढ़ और 13 फरवरी को सभी सोल्जर टेक्निकल युवाओं की भर्ती होगी। इस भर्ती में चयनित योग्य उम्मीदवारों की लिखित परीक्षा भर्ती कार्यालय अंबाला में अप्रैल के अंतिम शनिवार को ली जाएगी।
हाथ पर धार्मिक टैटू एवं हाथ से आगे कलाई तक धार्मिक टैटू एवं कोई नाम लिखे उम्मीदवार को भर्ती में शामिल होने की अनुमति रहेगी।
शरीर के अन्य किसी भी अंग पर टैटू एवं नाम लिखे युवाओं को भर्ती में किसी भी सूरत में शामिल नहीं किया जाएगा। इस भर्ती में जाति प्रमाणपत्र तहसीलदार से प्रमाणित हो, सरपंच एवं नगरपालिका के पार्षद से प्रमाणित जाति प्रमाण पत्र मान्य नहीं होगा।

Wednesday, January 9, 2013

आरएएस (मुख्य) परीक्षा-2012 एक माह बाद होगी

राजस्थान लोक सेवा आयोग ने 28 जनवरी से शुरू होने वाली आरएएस (मुख्य) परीक्षा 2012 एक महीने के लिए आगे बढ़ा दी है। आयोग नया परीक्षा कार्यक्रम जल्द ही जारी करेगा। 
 
आयोग सचिव डॉ. केके पाठक के मुताबिक हाईकोर्ट द्वारा विभिन्न याचिकाओं में पारित आदेशों के अंतर्गत अभ्यर्थियों के अभ्यावेदनों का समयबद्ध निस्तारण किए जाने के कारण परीक्षा तिथि आगे बढ़ाई गई है।आयोग आरएएस के 1150 पदों के लिए यह भर्ती परीक्षा आयोजित कर रहा है।

सीटेट परीक्षा नवंबर 2012 : केवल एक फीसदी ही पास

  • प्राइमरी वर्ग में 2481 (0.91 प्रतिशत) पास 
  • अपर प्राइमरी वर्ग में मात्र 2368 (0.45 प्रतिशत) पास
  • डीएवी में अब सीटेट पास ही
पात्रता परीक्षा में प्रतिभागियों के शैक्षणिक ज्ञान को केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटेट) के परिणाम ने आइना दिखा दिया है। नवंबर में संचालित की गई इस परीक्षा में 1 फीसदी युवा क्वालीफाई ही कर पाए हैं। इस परिणाम ने जहां परीक्षा की तैयारी का दंभ भरने वाले सेंटरों की कलई खोली है तो वहीं दूसरी ओर सीबीएसई के स्कूल संचालक भी इस परिणाम पर हैरान हैं। यह स्थिति फिर से उत्पन्न नहीं हो, उसके लिए अब शैक्षणिक संस्थानों ने शिक्षक की स्थाई नियुक्ति के लिए बीएड के साथ सीटेट उत्तीर्ण को भी अनिवार्य कर दिया है।

यह परीक्षा दो वर्गों में आयोजित की गई। जिसमें लगभग आठ लाख उम्मीदवार बैठे थे, लेकिन ओवरआल स्तर पर पास प्रतिशत एक प्रतिशत ही नहीं रह सका। बता दें कि प्राइमरी वर्ग में इस परीक्षा में जहां 2481 (0.91 प्रतिशत) उम्मीदवार पास हुए, वहीं अपर प्राइमरी वर्ग में मात्र 2368 (0.45 प्रतिशत) उम्मीदवार ही क्वालिफाई हो पाए।

कम समय तो नहीं कारण: शिक्षाविद् इंद्रजीत पराशर का कहना है कि ऐसी नौबत इसलिए भी उत्पन्न हुई क्योंकि १५० सवालों के लिए समय कम रखा गया है जबकि जवाब काफी लंबे देने होते हैं।

इस खराब प्रदर्शन के पीछे शिक्षण संस्थानों में नॉन अटैंडिंग ट्रेंड एक बड़ा कारण बताया जा रहा है। बीएड और डीएड के सिलेबस में बच्चों के मनोविज्ञान और उन्हें पढ़ाने की तकनीक को बारीकी से अध्ययन कराया जाता है। पात्रता परीक्षा में भी बच्चों पर ही आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अधिकांश स्टूडेंट्स बिना कॉलेज में आए ही परीक्षा पास करना चाहते हैं, लेकिन जब तक वे पूरा सिलेबस नहीं कर लेते, उनका ज्ञान अधूरा रहता है। खराब परीक्षा परिणाम के पीछे यही मुख्य कारण है।

हरियाणा राज्य में पंद्रह हजार गेस्ट टीचर पर लटकी तलवार

राज्य के सरकारी स्कूलों में काम कर रहे 15 हजार ‘अतिथि अध्यापकों’ की सेवाएं समाप्त होने जा रही हैं। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार फरवरी के पहले सप्ताह में इन शिक्षकों के लिए निर्धारित की गई समयावधि समाप्त होने जा रही है, जिसके बाद में इसे किसी भी सूरत में बढ़ाया नहीं जा सकता। राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए आदेश का पालन करने की बात दोहरा चुके हैं। दूसरी ओर राज्य के ‘अतिथि अध्यापकों’ द्वारा एक बार फिर से कई जिलों में आंदोलन का बिगुल बजा दिया गया है। 

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार अब राज्य के अतिथि अध्यापक 6 फरवरी 2013 तक ही काम कर सकते हैं। इसके बाद में काम करने का अर्थ सीधे-सीधे सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना वाली बात होगी। गेस्ट टीचरों को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने भी 25 मार्च 2012 को आर्डर पास किया था। जिसमें इन्हें हटाए जाने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद में इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने के बाद में गेस्ट टीचरों को राहत मिल गई थी। राज्य सरकार को सुप्रीम कोर्ट से 322 दिन का समय प्रदान किया गया था, साथ ही सरकार के अफसरों ने खंडपीठ को बताया था कि राज्य में 35 हजार पोस्ट खाली हैं। गेस्ट टीचर हटने से समस्या होगी, इसीलिए राहत मिली थी, साथ ही 322 दिनों के बाद में किसी तरह की सेवा विस्तार नहीं मिलेगा यह बात भी तय हो गई थी। 14 हजार सात सौ के लगभग गेस्ट टीचरों की भर्ती को भी हाईकोर्ट ने पूरी तरह नियमविरुद्ध माना था। 

Saturday, January 5, 2013

हरियाणा में इंटर्नशिप बिना नहीं मिलेगा डीएड का डिप्लोमा

180 दिन की इंटर्नशिप नहीं की तो पास होने वाले छात्रों को डीएड का डिप्लोमा भी नहीं मिलेगा। भले ही प्रदेश के डीएड छात्र इंटर्नशिप बंद करने को लेकर प्रदर्शन कर चुके हों, लेकिन शिक्षा बोर्ड का नया नियम छात्रों पर हावी हो सकता है। सूत्र बताते हैं कि बोर्ड के नए नियम के अनुसार डीएड के चारों सेमेस्टर पास करने वाले छात्रों को 180 दिन की इंटर्नशिप करना अनिवार्य है। इंटर्नशिप के भी अंक ग्रेड में देने का प्रावधान है। इस कारण छात्रों को दिए जाने वाले डीएड डिप्लोमा पर इंटर्नशिप का ग्रेड भी दर्शाया जाना है। इस वजह से भले ही प्रदेश के 18 हजार 218 छात्र छात्राएं आज पास हो गए हों, लेकिन उन्हें डिप्लोमा लेने के लिए अभी इंतजार करना होगा।
-Read D.Jagran 6Jan.2013

हरियाणा शिक्षक बोर्ड की पहली भरती मार्च तक

बिना परीक्षा लिए मेरिट के आधार पर तय किए कट आफ मार्क्स
साक्षात्कार के लिए पदों की संख्या से तीन गुना बुलाए आवेदक

हरियाणा शिक्षक भरती बोर्ड की पहली भरती मार्च तक घोषित हो जाएगी। बोर्ड ने पिछले साल जून में 14134 लेक्चरर पदों के लिए आवेदन मांगे थे। बोर्ड ने बिना परीक्षा लिए मेरिट आधार पर पदों की संख्या से तीन गुना आवेदकों का साक्षात्कार किया। मेवात कैडर के लिए साक्षात्कार पूरे हो चुके हैं। अन्य जिलों के लिए हिंदी, संस्कृत के लिए साक्षात्कार फरवरी तक पूरे कर लिए जाएंगे।
मेवात कैडर में 16 श्रेणियों के लिए 393 और शेष हरियाणा में 18 श्रेणियों के लिए 13741 लेक्चरर का चयन होना है। इन पदों के लिए 60000 से ज्यादा आवेदन आए। जिन्होंने स्टेट टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट पास नहीं किया हुआ था लेकिन चार साल का टीचिंग अनुभव था वे भी आवेदन के योग्य थे। कुछ उम्मीदवारों ने मेवात कैडर में भी आवेदन किया है। मेवात कैडर के लिए कुल पदों का दस गुना आवेदकों का साक्षात्कार किया गया। कुछ श्रेणियों में दस गुना से कम आवेदक थे उन सभी को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया। शेष हरियाणा के पदों में इंग्लिश के 1870 लेक्चररों के पदों के लिए सभी नौ हजार उम्मीदवारों को बुलाया गया। हिंदी के 1700 पदों के लिए 11000 में 8000 उम्मीदवारों में से जनरल और बैकवर्ड श्रेणी के पोस्ट ग्रेजुएशन में 54 फीसदी और अनुसूचित जाति श्रेणी में 50 फीसदी अंकों वालों को बुलाया गया। राजनीतिक विज्ञान के 285 पदों के लिए 4500 में से 1330 जनरल और बैकवर्ड श्रेणी के 56 फीसदी और अनुसूचित जाति के 53 फीसदी तक के अंक वालों को बुलाया। कामर्स के 441 पदों के लिए 3954 में से 1842 को बुलाया गया।
इसमें जनरल और पिछड़ी श्रेणी के 57 फीसदी, अनुसूचित जाति के 48 फीसदी तक अंक वाले शामिल हैं। इतिहास के 275 पदों के लिए 3600 में से 1600 को बुलाया गया जिनके जनरल और पिछड़ी श्रेणी में 55 और अनुसूचित जाति श्रणी के 51 फीसदी तक अंक थे। एक्स सर्विसमैन और विकलांग श्रेणी के सभी आवेदकों को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया है। अन्य श्रेणी के लिए करीब- करीब सभी आवेदनकर्ताओं को बुलाया गया है।
 
    "बोर्ड ने कट आफ मार्क्स मूल योग्यता के अंकों के आधार पर तय किए हैं। बोर्ड ने मेवात कैडर के सभी पदों के लिए साक्षात्कार पूरे कर लिए हैं। अन्य जिलों के लिए इस महीने कामर्स, इंग्लिश के साक्षात्कार पूरे हो जाएंगे। फरवरी में संस्कृत और मार्च में हिंदी के साक्षात्कार पूरे हो जाएंगे। अन्य सभी श्रेणी के साक्षात्कार पूरे हो गए हैं। मार्च में चयनित लेक्चरर (पीजीटी) का परिणाम घोषित कर दिया जाएगा।"
-एनएल पूनिया, ब्रिगेडियर (रिटायर्ड), चेयरमैन, हरियाणा राज्य शिक्षक भरती बोर्ड

Read Amar Ujala 05Jan.2012

Friday, January 4, 2013

सुप्रीम कोर्ट से स्टे लेने वाले अतिथि अध्यापक अभी दे सकेंगे सेवाएं

माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने अतिथि अध्यापकों के मामले में नया आदेश जारी किया है। इसके मुताबिक सुप्रीम कोर्ट से स्टे लेने वाले अतिथि अध्यापक ही स्कूल में पढ़ा सकेंगे। सभी डीईओ व डीईईओ को जारी पत्र में इस आदेश को सख्ती से लागू कराने की हिदायत दी गई है। शुक्रवार को माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने पत्र (4/43-2012 सीओ (4)) जारी कर अतिथि अध्यापक मामले में स्थिति स्पष्ट कर दी। निदेशालय के पत्र के मुताबिक अब सरकारी स्कूलों में वही अतिथि अध्यापक सेवाएं दे सकेंगे, जो सर्वोच्च न्यायालय से स्टे लिए हुए हैं। हाई कोर्ट से स्टे लेने वाले अतिथि अध्यापकों की सेवाएं समाप्त हो जाएंगी। स्कूलों में इस आदेश को सख्ती से तामिल कराने को लेकर पत्र की प्रति उपलब्ध करा दी गई है। इसके मुताबिक प्रधानाचार्य अतिथि अध्यापक को 31 दिसंबर 2012 की तिथि में रिलीव करने के बाद इसकी सूचना निदेशालय को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराएंगे। सूचना न देने वाले स्कूल इंचार्जो के खिलाफ कार्रवाई होगी। गौरतलब है कि सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए वर्ष 2005 में अतिथि अध्यापकों की भर्ती की गई थी। भर्ती में अनियमितता को देखते हुए उपनिदेशक स्तर के अधिकारियों की 7 टीमें गठित की गई। अक्टूबर 2010 में सौंपी गई रिपोर्ट में भर्ती में अनियमितता का मामला उजागर हुआ। इस पर पात्र शिक्षक संघ ने फर्जी तरीके से नौकरी हासिल करने वाले अतिथि अध्यापकों को हटाने की मांग की। मामला हाई कोर्ट में चला गया तो उसने 719 अतिथि अध्यापकों को 31 दिसंबर तक हटाने का आदेश दे दिया।