Monday, August 3, 2015

1750 जेबीटी की नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक जारी

हरियाणा सरकार की ओर से नियुक्त 1750 जेबीटी शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने रोक जारी रखी है। इनका परिणाम घोषित हुआ था और नियुक्ति पत्र जारी होने वाले थे। इसी बीच, वर्ष 2012 की भर्ती के वेटिंग सूची वाले तीन उम्मीदवारों ने हाईकोर्ट पहुंच कर उन्हें दरकिनार करने का आरोप लगाया था।
इस याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस अमित रावल ने हरियाणा सरकार को न केवल नोटिस जारी किया था, बल्कि 1750 नियुक्त जेबीटी शिक्षकों की भर्ती की अगली प्रक्रिया पर फिलहाल रोक लगा दी थी। सोमवार को हाईकोर्ट ने यह रोक जारी रखी है। इसी याचिका में कुछ चयनित उम्मीदवारों ने प्रतिवादी बनने की अर्जी दाखिल की, लेकिन वेटिंग सूची वालों ने इसका विरोध करते हुए पुख्ता जवाब दाखिल करने को समय मांगा। हाईकोर्ट ने सुनवाई 10 अगस्त तक स्थगित कर दी है।
अंबाला की दलविंदर कौर समेत तीन ने एडवोकेट गौतम दीवान के माध्यम से दायर याचिका में आरोप लगाया था कि सरकार ने जिन 1750 उम्मीदवारों का परिणाम घोषित किया है, उन्हें वर्ष 2012 की भर्ती के योग्य नहीं माना जा सकता। याचिका में कहा कि 2012 की भर्ती के 976 उम्मीदवार वेटिंग सूची में थे।

Saturday, August 1, 2015

अब विश्वविद्यालयों में पीएचडी करना नहीं होगा आसान

देशभर के विश्वविद्यालयों में अब विद्यार्थियों का पीएचडी करना आसान नहीं होगा, क्योंकि सेवानिवृत्त प्रोफसर उनके गाइड नहीं बन सकेंगे। केवल और केवल विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय के नियमित प्रोफेसर ही विद्यार्थियों के पीएचडी में गाइड बन सकेंगे। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी यूजीसी के इस निर्देश के बाद विश्वविद्यालयों में पीएचडी करने में विद्यार्थियों के समक्ष गाइड की समस्याएं आएगी।

भाजपा कार्यकाल की पहली भर्ती परीक्षा 9 अगस्त को

भाजपा सरकार के समय में निकली भर्तियों का पहला इंटरव्यू 9 अगस्त को होने वाला है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने 54 हिंदी लेरर के लिए भर्तियां निकाली थी। पिछली हुड्डा सरकार के समय यह भर्ती विवादों में फंस गई थी। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने इस भर्ती के लिए समस्त प्रक्रिया दोबारा अपनाई। करीब 4 हजार अभ्यर्थी पंचकूला में विभिन्न केंद्रों प 54 हिंदी लेरर के लिए परीक्षा देने वाले हैं।

कंप्यूटर शिक्षकों को पुन: मिलेगी नौकरी

हरियाणा सरकार ने कंप्यूटर शिक्षकों को डीसी रेट या शिक्षा विभाग में नौकरी पर रखने की सहमति दे दी है। इसके बाद शुक्रवार को मुख्यमंत्री के ओएसडी जवाहर यादव ने धरना स्थल पर अनशनकारियों को जूस पिलाकर उनका अनशन खत्म कराया।
खोई हुई प्रतिष्ठा और रोजी रोटी की जंग लड़ रहे हरियाणा के 2852 कंप्यूटर शिक्षकों की मेहनत आखिरकार रंग लाती दिखाई दे रही है। इसी साल जनवरी की कड़कड़ाती ठंड में कंप्यूटर शिक्षकों ने रोजगार को लेकर पंचकूला में आंदोलन की शुरुआत की थी।

हाईकोर्ट के फैसलों का सम्मान करना सीखें गेस्ट टीचर

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने अतिथि अध्यापकों को कड़ी फटकार लगाते हुए उनको राहत देने से इंकार कर दिया। हाईकोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए उन्हें सिंगल बेंच में अपील करने की छूट दे दी।
हटाए गए 4073 सरप्लस अतिथि अध्यापकों ने एकल पीठ के आदेश के खिलाफ द्वि-सदस्यीय पीठ के समक्ष अपील की थी। जस्टिस सूर्यकात की अध्यक्षता वाली द्वि-सदस्यीय पीठ ने बृहस्पतिवार को इस पर सुनवाई की। अतिथि अध्यापको की तरफ से आधा दर्जन वरिष्ठ वकील पैरवी के लिए आए। दो घंटे की सुनवाई में जस्टिस सूर्यकात की पीठ ने अतिथि अध्यापकों पर कई बार कड़ी टिप्पणी की।
 पीठ ने कहा कि अतिथि अध्यापक कोर्ट के आदेशों का सम्मान करना सीखें। स्कूलों में ताले लगाने, खाप पंचायतों की मदद व राजनितिक पार्टियों के समर्थन से वे गलतफहमी न पालें कि कोर्ट किसी दबाव में आएगी। कोर्ट स्कूलों में पढ़ाई सुचारू रूप से जारी रखने के लिए हर तरह का आदेश देने में सक्षम है। लेकिन स्कूलों में तालाबंदी जैसी हरकत सहन नहीं करेगी।
 पीठ ने कहा कि नियमित भर्ती तक अतिथि अध्यापकों को सेवा में रखने की दलील अब सब समझ चुके हैं और ये दलील पुरानी पड़ चुकी है तथा 2006 से 2015 तक बहुत बार प्रयोग हो चुकी है। पीठ ने पूछा, किस आधार पर रोक चाहते हो। जब यह साबित हो चुका है कि नियुक्ति पिछले दरवाजे से हुई है और सरकार हलफनामा दे चुकी है कि ये अतिथि अध्यापक सरपल्स हैं।

Thursday, May 28, 2015

गेस्ट टीचर्स को नहीं मिली राहत, अपील खारिज

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा के 4073 सरप्लस गेस्ट टीचरों को बड़ा झटका दिया है। प्रदेश सरकार के नोटिस को चुनौती देती याचिका नामंजूर होने के बाद दायर अपील भी वीरवार को खारिज हो गई।
जस्टिस सूर्यकांत व जस्टिस पीबी बजंतरी की डिवीजन बेंच ने कड़ी टिप्पणी की है कि तीन साल से सरकार इन गेस्ट टीचरों को वोट बैंक के तौर पर इस्तेमाल करती आ रही है, जबकि सुप्रीम कोर्ट भी गेस्ट टीचरों को निकालने का आदेश दे चुका है।

डीयू में ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हुई

दिल्ली विश्वविद्यालय में सत्र 2015-16 दाखिले के लिए शुरू हुई ऑनलाइन रेस में पहला दिन हिट रहा। पहले दिन ऑनलाइन पंजीकरण करने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई। बीते साल के मुकाबले इस बार ऑनलाइन आवेदन को पहले शुरू कर दिया गया। इसका आलम यह रहा कि पहले दिन ही 15 फीसदी से अधिक फॉर्म बिक गए जबकि अभी 15 जून तक प्रक्रिया जारी रहेगी।