घरेलू इंजीनियरिंग शोध एवं विकास (ईआरएंडडी) में 2020 तक 10 लाख नई
नौकरियां पैदा होंगी। इस समय तक इसका बाजार 2,386 अरब रुपये पर पहुंच
जाएगा। आइटी उद्योग के संगठन नैस्कॉम ने यह उम्मीद जताई है। संगठन का कहना
है कि लचीले व्यापार मॉडल, उत्पादों की कम उम्र और तेजी से बदलता बाजार इन
संभावनाओं को मजबूत कर रहा है।
नैस्कॉम अध्यक्ष सोम मित्तल ने पुणे में चल रहे दो दिवसीय इंजीनियरिंग
सम्मेलन में कहा कि भारतीय ईआरएंडडी सेवा को पूरी दुनिया में पसंद किया जा
रहा है। नए प्रयोगों को बढ़ावा देने में भारतीय ईआरएंडडी का बड़ा योगदान
है। इसकी वजह से पूरी दुनिया में हमारी छवि डिजाइन और नई खोज को बढ़ावा
देने वाले देश की बनी है। इस समय ईआरएंडडी निर्यात 14 फीसद सालाना की दर से
बढ़कर 542.67 अरब रुपये पर पहुंच गया है। आइटी-बीपीओ निर्यात में इसका
हिस्सा 15 फीसद है।
Friday, September 28, 2012
Thursday, September 27, 2012
सैनिक की परीक्षा में अब नेगेटिव मार्किंग
यदि आप सेना में सोल्जर के रूप में भर्ती होने के
लिए परीक्षा देने जा रहे हैं तो ध्यान रखें कि अब से प्रत्येक गलत जवाब पर
आधा अंक काट लिया जाएगा। यानी आपने कुल 50 अंक अर्जित किए हैं और दस
सवालों का जवाब गलत बताया है तो आपके द्वारा हासिल 50 अंकों में से पांच
अंक (प्रत्येक गलत जवाब पर आधा अंक) काट लिए जाएंगे। सेना में सोल्जर जनरल
ड्यूटी और सोल्जर ट्रेड्समैन के लिए आयोजित होने वाली संयुक्त प्रवेश
परीक्षा के नियम में बदलाव किया गया है। अब इनमें नेगेटिव मार्किंग लागू
होगी।
यह नियम एक
अक्तूबर 2012 से लागू होगा। परीक्षा में प्रत्येक सही जवाब पर दो नंबर दिए
जाएंगे, जबकि प्रत्येक गलत जवाब पर आधा नंबर काट लिया जाएगा। जिन सवालों को
नहीं किया जाएगा और उत्तर के स्थान को खाली छोड़ दिया जाएगा, उसमें
नेगेटिव मार्किंग नहीं होगी। इस सवाल पर जीरो अंक माना जाएगा।
Sunday, September 23, 2012
RTET पर्चा मामला: बोर्ड ने माना परीक्षा से पहले बाजार में आया पर्चा!
माध्यमिक
शिक्षा बोर्ड ने राजस्थान अध्यापक पात्रता परीक्षा (आरटेट) के पर्चा
प्रकरण की गोपनीय रिपोर्ट राज्य सरकार को भेज दी है। अब सरकार इस मामले में
अंतिम निर्णय करेगा।
बोर्ड की ओर से गठित जांच कमेटी के अध्यक्ष व बोर्ड के विशेषाधिकारी (परीक्षा) पीसी जैन और उपनिदेशक (गोपनीय) जीके माथुर ने लगभग 10 दिन में जांच पूरी कर बोर्ड प्रबंधन को सौंप दी है। सूत्रों का कहना है कि बोर्ड ने यह तो मान लिया कि आरटेट द्वितीय सत्र की परीक्षा का पेपर परीक्षा शुरू होने से पहले ही बाजार में आ गया था लेकिन इसका फैलाव अधिक नहीं हो पाया है। बोर्ड के सूत्र रिपोर्ट को सार्वजनिक करने से कतरा रहे हैं।
गौरतलब है कि 9 सितंबर को आयोजित आरटेट-12 के द्वितीय सत्र का पेपर मेड़ता सिटी और अन्य स्थानों पर परीक्षा शुरू होने से पूर्व ही बाजार में आ गया था। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई कर 11 लोगों को पकड़ा था। इस मामले में पुलिस अलग से जांच कर रही है। पुलिस की रिपोर्ट को भी इस मामले में अहम माना जा रहा है।
बोर्ड की ओर से गठित जांच कमेटी के अध्यक्ष व बोर्ड के विशेषाधिकारी (परीक्षा) पीसी जैन और उपनिदेशक (गोपनीय) जीके माथुर ने लगभग 10 दिन में जांच पूरी कर बोर्ड प्रबंधन को सौंप दी है। सूत्रों का कहना है कि बोर्ड ने यह तो मान लिया कि आरटेट द्वितीय सत्र की परीक्षा का पेपर परीक्षा शुरू होने से पहले ही बाजार में आ गया था लेकिन इसका फैलाव अधिक नहीं हो पाया है। बोर्ड के सूत्र रिपोर्ट को सार्वजनिक करने से कतरा रहे हैं।
गौरतलब है कि 9 सितंबर को आयोजित आरटेट-12 के द्वितीय सत्र का पेपर मेड़ता सिटी और अन्य स्थानों पर परीक्षा शुरू होने से पूर्व ही बाजार में आ गया था। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई कर 11 लोगों को पकड़ा था। इस मामले में पुलिस अलग से जांच कर रही है। पुलिस की रिपोर्ट को भी इस मामले में अहम माना जा रहा है।
Wednesday, September 12, 2012
एमबीबीएस के लिए पहला कॉमन एंट्रेंस टेस्ट 5 मई को
एमबीबीएस व बीडीएस में प्रवेश के लिए
कॉमन एंट्रेंस टेस्ट पहली बार अगले साल 5 मई को होगा। सीबीएसई देशभर में यह
टेस्ट आयोजित करेगा। सीबीएसई ने यह जानकारी दी। सभी मेडिकल और डेंटल कॉलेज
में इस नेशनल एलिजिबिलिटी- कम-एंट्रेंस टेस्ट (एनईईटी) के आधार पर ही
प्रवेश मिलेगा।
इस टेस्ट में 10 लाख से अधिक छात्रों के शामिल होने की संभावना है। देश में 355 मान्यताप्रा:त मेडिकल कॉलेज हैं, जहां एमबीबीएस की पढ़ाई होती है।
पहले ऑल इंडिया पीएमटी व राज्य आधारित मेडिकल एंट्रेंस टेस्ट के जरिए इन कॉलेजों में प्रवेश मिलता था। अब ये टेस्ट नहीं होंगे। उनकी जगह एनईईटी लेगा। यह टेस्ट हिंदी, अंग्रेजी सहित उन सभी भाषाओं में होगा, जिनमें पहले होता था। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई)
इस टेस्ट के लिए सिलेबस जारी कर चुकी है।
इस टेस्ट में 10 लाख से अधिक छात्रों के शामिल होने की संभावना है। देश में 355 मान्यताप्रा:त मेडिकल कॉलेज हैं, जहां एमबीबीएस की पढ़ाई होती है।
पहले ऑल इंडिया पीएमटी व राज्य आधारित मेडिकल एंट्रेंस टेस्ट के जरिए इन कॉलेजों में प्रवेश मिलता था। अब ये टेस्ट नहीं होंगे। उनकी जगह एनईईटी लेगा। यह टेस्ट हिंदी, अंग्रेजी सहित उन सभी भाषाओं में होगा, जिनमें पहले होता था। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई)
इस टेस्ट के लिए सिलेबस जारी कर चुकी है।
Tuesday, September 11, 2012
हरियाणा में 1983 पीटीआई की भर्ती खारिज
हरियाणा
में 1983 फिजिकल ट्रेनिंग इंस्ट्रक्टर्स (पीटीआई) की भर्ती को पंजाब एवं
हरियाणा हाईकोर्ट ने खारिज करने के निर्देश दिए हैं। जस्टिस एजी मसीह ने
हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग को निर्देश दिया कि कानून के मुताबिक कार्रवाई
करते हुए पांच माह में नए सिरे से भर्ती की जाए।
कुल 68 याचिकाएं दायर कर भर्ती को खारिज करने की मांग की गई थी। याचिकाओं में कहा गया कि 20 जुलाई 2006 को हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने 1983 पीटीआई की भर्ती के लिए आवेदन मांगे थे।
21 अगस्त 2006 तक आवेदन जमा करने थे। 21 जनवरी 2007 को लिखित परीक्षा का नोटिस दिया गया लेकिन उसे यह कहकर खारिज कर दिया गया कि भर्ती में धांधली की शिकायतें मिलने पर परीक्षा स्थगित की जा रही है।
इसके बाद 20 जुलाई 2008 को परीक्षा तय की गई जिसे भी बाद में प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए खारिज कर दिया गया। इसके बाद पात्रता तय करते हुए पदों से 8 गुणा उ मीदवारों को सीधे इंटरव्यू के लिए बुला लिया गया।
इसके बाद 2 सितंबर 2008 से लेकर 17 अक्टूबर 2008 तक उ मीदवारों के इंटरव्यू लिए गए। डेढ़ साल की देरी के बाद 10 अप्रैल 2010 को भर्ती का परिणाम घोषित किया गया।
याचिकाओं में कहा गया कि 28 दिसंबर 2006 को भर्ती के लिए तय मानदंडों की अनदेखी कर नियुक्तियां की गई। पहले जहां इंटरव्यू के 25 अंक तय किए गए थे वहीं इसे बाद में बदलकर 30 कर दिया गया।
याचिकाओं में कहा गया कि भर्ती प्रक्रिया आरंभ करने के बाद इसमें फेरबदल नहीं किया जा सकता। महज चहेतों को नियुक्ति देने के लिए नियुक्ति के मानदंडों में परिवर्तन किया गया।
कुल 68 याचिकाएं दायर कर भर्ती को खारिज करने की मांग की गई थी। याचिकाओं में कहा गया कि 20 जुलाई 2006 को हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने 1983 पीटीआई की भर्ती के लिए आवेदन मांगे थे।
21 अगस्त 2006 तक आवेदन जमा करने थे। 21 जनवरी 2007 को लिखित परीक्षा का नोटिस दिया गया लेकिन उसे यह कहकर खारिज कर दिया गया कि भर्ती में धांधली की शिकायतें मिलने पर परीक्षा स्थगित की जा रही है।
इसके बाद 20 जुलाई 2008 को परीक्षा तय की गई जिसे भी बाद में प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए खारिज कर दिया गया। इसके बाद पात्रता तय करते हुए पदों से 8 गुणा उ मीदवारों को सीधे इंटरव्यू के लिए बुला लिया गया।
इसके बाद 2 सितंबर 2008 से लेकर 17 अक्टूबर 2008 तक उ मीदवारों के इंटरव्यू लिए गए। डेढ़ साल की देरी के बाद 10 अप्रैल 2010 को भर्ती का परिणाम घोषित किया गया।
याचिकाओं में कहा गया कि 28 दिसंबर 2006 को भर्ती के लिए तय मानदंडों की अनदेखी कर नियुक्तियां की गई। पहले जहां इंटरव्यू के 25 अंक तय किए गए थे वहीं इसे बाद में बदलकर 30 कर दिया गया।
याचिकाओं में कहा गया कि भर्ती प्रक्रिया आरंभ करने के बाद इसमें फेरबदल नहीं किया जा सकता। महज चहेतों को नियुक्ति देने के लिए नियुक्ति के मानदंडों में परिवर्तन किया गया।
Saturday, September 8, 2012
हरियाणा - 2012 में एचटेट का आयोजन मुश्किल
प्रदेश के लाखों जेबीटी व बीएड डिग्री धारकों को एचटेट परीक्षा का बेसब्री
से इंतजार है पर इस बार भी वर्ष 2010 का इतिहास दोहराया जा सकता है। भले ही
राष्ट्रीय शिक्षा परिषद के नियमानुसार एचटेट की परीक्षा हर साल होनी
चाहिए, लेकिन वर्ष 2012 में यह नियम टूटने की पूरी संभावना है। क्योंकि इस
परीक्षा को लेकर अभी तक कोई तैयारी नहीं है। नवंबर 2011 में संपन्न हुई एचटेट परीक्षा में लगभग साढ़े 5 लाख
परीक्षार्थी बैठे थे और इसकी तैयारियों में शिक्षा बोर्ड लगभग 4 माह पूर्व
ही जुट गया था। लेकिन इस बार एचटेट को लेकर शिक्षा बोर्ड ने पूरी तरह से
चुप्पी साधी हुई है। वैसे भी 20 सितंबर से प्रथम सेमेस्टर की परीक्षाएं
शुरू होने जा रही हैं, जो लगभग दो माह चलेंगी। ऐसे में शिक्षा बोर्ड
प्रशासन के पास वर्ष 2012 में एचटेट आयोजित करवाने के लिए पूरा समय बचेगा
ही नहीं।
हरियाणा सरकार ने सबसे पहले सन 2008 में देश में सबसे
पहले अध्यापक पात्रता परीक्षा शुरू की थी। सन 2009 में केंद्र सरकार ने
आरटीई लागू कर दी है और आरटीई में शिक्षा सुधार के मकसद से पूरे देश में
अध्यापक पात्रता परीक्षा करवाना अनिवार्य कर दिया गया। इसकी गाइडलाइन
राष्ट्रीय शिक्षा परिषद द्वारा तैयार की गई हैं।
इनके अनुसार हर साल अध्यापक पात्रता परीक्षा आयोजित की जानी अनिवार्य है।
सन 2009 में दो बार अध्यापक पात्रता परीक्षा आयोजित की गई, लेकिन इसके बाद
2010 में यह परीक्षा नहीं करवाई गई। 2011 के अंत में एचटेट करवाई गई तो
इसमें लगभग साढ़े पांच लाख परीक्षार्थी बैठे थे।
एचटेट को लेकर अभी तक कोई दिशा निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं।
-डी के बेहरा सचिव, शिक्षा बोर्ड
Thursday, September 6, 2012
प्राथमिक शिक्षकों की अंतर जिला तबादला नीति बनेगी
राथमिक शिक्षकों की संघ नेताओं व वित्तायुक्त सुरीना राजन के मध्य हुई बैठक
में कई मांगों पर सहमति बनी है। बृहस्पतिवार को सचिवालय में हुई बैठक में
संघ के प्रदेशाध्यक्ष विनोद ठाकरान व महासचिव दीपक गोस्वामी ने संघ की
मांगों को विस्तार से रखा।
संघ के महासचिव दीपक गोस्वामी ने बताया कि अंतर जिला स्थानांतरण को लेकर
शीघ्र ही एक पालिसी बनेगी, जिसके तहत गृह जिले से बाहर तैनात जेबीटी की
वरीयता सूची बनाई जाएगी और शिक्षकों के संबंधित जिले में पद रिक्त होने पर
उस वरीयता सूची से क्रमानुसार जेबीटी अपने गृह जिले में स्थानांतरित हो
सकेंगे। मेवात में कार्यरत जेबीटी के तबादलों पर भी सहमति बनी और उन्हें भी
एक अलग वरीयता सूची बनाकर इसी प्रकार उनके गृह जिले में स्थानांतरित किया
जाएगा। इस नीति से अंतर जिला स्थानांतरण की समस्या का समाधान हो जाएगा व
जेबीटी शिक्षकों की बेकार की भागदौड़ भी खत्म हो जाएगी।
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