दिल्ली विश्वविद्यालय में सत्र के पहले ही दिन कॉजेल विद्यार्थियों से गुलजार दिखे। इस दौरान विद्यार्थियों में खासा उल्लास दिखा। वहीं, दूसरी ओर पांचवें कटऑफ के दाखिले भी शुरू हो गए थे। 1कई कॉलेजों में अब भी सामान्य वर्ग में सीटें खाली होने से विद्यार्थी दाखिला के लिए पहुंचे। नार्थ कैंपस के मिरांडा हाउस और केएमसी हंसराज हिन्दू सहित अन्य कॉलेजों में भी दाखिले की प्रक्रिया जारी थी। जानकारी के अनुसार 22 जुलाई तक दाखिले होंगे।
Wednesday, July 20, 2016
हरियाणा के 1175 मास्टर पदोन्नत होकर बने लेक्चरर, सूची जारी
हरियाणा विद्यालय शिक्षा विभाग ने आज दिनांक 20 जुलाई को 1175 मास्टर/
टीजीटी (गणित, विज्ञान और सोशल स्टडीज) को पीजीटी पद पर पदोन्नत करने के
आदेश जारी किए हैं। स्टेशन MIS पोर्टल पर अपनी पसंद ऑनलाइन भरने के बाद दिए
जाएंगे।
Tuesday, July 19, 2016
उच्च शिक्षा का भावी पथ
ऑनलाइन उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने की जरूरत : डॉ. भरत झुनझुनवाला
मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने उच्च शिक्षा संस्थाओं में अध्यापकों की जवाबदेही स्थापित करने पर जोर दिया है। जावड़ेकर के मंतव्य का स्वागत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी स्किल इंडिया योजना का आधार ही उच्च शिक्षा है। यूनिवर्सिटी में सुधार किए बिना युवाओं को आधुनिक स्किल देना लगभग असंभव है। लेकिन देश की उच्च शिक्षा का रोग असाध्य हो गया है। अब जवाबदेही स्थापित करने जैसे छुटपुट कदमों से बात नही बनेगी। सर्जरी की जरूरत है। समस्या की जड़ें सरकार द्वारा यूनिवर्सिटी में राजनीतिक नियुक्तियां किए जाने में है। राजनीतिक आधार पर नियुक्त वाइस चांसलरों द्वारा यूनिवर्सिटी के कामकाज में रुचि नहीं ली जाती है।दिल्ली यूनिवर्सिटी के एक असोसिएट प्रोफेसर ने बताया कि 22 वर्षो से उनका वेतनमान निर्धारित नहीं किया गया है। वह रिटायर भी हो गए, परंतु वेतनमान तय नहीं हुआ। कई वर्षो तक उन्हें यूनिवर्सिटी में बैठने का कमरा भी उपलब्ध नहीं कराया गया। वाइस चांसलर से कहने पर उत्तर मिला कि मैरी क्यूरी ने भी ऐसी ही परिस्थितियों में शोध किया था। अत: आप सुविधाओं के पीछे न पड़ें और रिसर्च करते रहें। राजनीतिक वाइस चांसलरों की इस बेरुखी से त्रस्त होकर प्रोफेसरों ने यूनियन बनाने का रास्ता अपनाया जिससे उनके न्यायसंगत हितों की रक्षा की जा सके।
डीयू : चौथे कटऑफ के दाखिले समाप्त, 20 को आएगी पांचवीं लिस्ट
दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) में चौथे कटऑफ के तहत कॉलेजों में दाखिला खत्म हो गया। दाखिला नहीं पाने वाले छात्रों को अब पांचवीं कटऑफ लिस्ट का इंतजार है, जो 20 जुलाई को आएगी। कई कॉलेजों में सीटों से अधिक दाखिला हुआ है तो कई कॉलेज कुछ कोर्स में फिर से दाखिला खोल रहे हैं। इसके अलावा डीयू में दाखिले से जुड़ी शिकायतें कम नहीं हो रही हैं। एमए में सोमवार को दाखिले होने थे, लेकिन शाम तक वेबसाइट न चलने के कारण छात्रों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
Sunday, July 17, 2016
डीयू में अंतिम कटऑफ लिस्ट 20 जुलाई को
पांचवीं कटऑफ लिस्ट में मिल सकते हैं कई कालेजों में अवसर
नई दिल्ली : डीयू में स्नातक दाखिले की पांचवीं व अंतिम कटऑफ लिस्ट 20 जुलाई को आएगी। बावजूद इसके अभी भी किरोड़ीमल, श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स, हंसराज व रामजस कॉलेज में पापुलर कोर्स की सीटों पर दाखिले हो रहे हैं। पांचवें कटऑफ में भी विभिन्न कॉलेजों में भरपूर अवसर उपलब्ध रहने की संभावना है।
इस बार कैंपस कॉलेज हो या फिर ऑफ कैंपस कॉलेज सभी कटऑफ के निर्धारण में बेहद सावधानी बरत रहे हैं। यही कारण है कि चौथी कटऑफ लिस्ट जारी होने के बाद भी कॉलेजों के अदला-बदली का सिलसिला जारी है और टॉप कॉलेजों में भी सीटे खाली हैं। दाखिला रद करा नए कॉलेज में दाखिला लेने के चलते कैंपस कॉलेजों में सीटें फुल होती नजर आ रही हैं, वहीं ऑफ कैंपस कॉलेजों में अभी भी सीटों के मुकाबले दाखिले कम हो रहे हैं। पांचवें कटऑफ में इन कॉलेजों में भीड़ दिखेगी।
सामान्य तौर पर चौथी कटऑफ लिस्ट के बाद आरक्षित श्रेणी की सीटों पर ही दाखिले के लिए भीड़ देखने को मिलती है, लेकिन इस बार सामान्य श्रेणी की सीटें भी खाली हैं।
नई दिल्ली : डीयू में स्नातक दाखिले की पांचवीं व अंतिम कटऑफ लिस्ट 20 जुलाई को आएगी। बावजूद इसके अभी भी किरोड़ीमल, श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स, हंसराज व रामजस कॉलेज में पापुलर कोर्स की सीटों पर दाखिले हो रहे हैं। पांचवें कटऑफ में भी विभिन्न कॉलेजों में भरपूर अवसर उपलब्ध रहने की संभावना है।
इस बार कैंपस कॉलेज हो या फिर ऑफ कैंपस कॉलेज सभी कटऑफ के निर्धारण में बेहद सावधानी बरत रहे हैं। यही कारण है कि चौथी कटऑफ लिस्ट जारी होने के बाद भी कॉलेजों के अदला-बदली का सिलसिला जारी है और टॉप कॉलेजों में भी सीटे खाली हैं। दाखिला रद करा नए कॉलेज में दाखिला लेने के चलते कैंपस कॉलेजों में सीटें फुल होती नजर आ रही हैं, वहीं ऑफ कैंपस कॉलेजों में अभी भी सीटों के मुकाबले दाखिले कम हो रहे हैं। पांचवें कटऑफ में इन कॉलेजों में भीड़ दिखेगी।
सामान्य तौर पर चौथी कटऑफ लिस्ट के बाद आरक्षित श्रेणी की सीटों पर ही दाखिले के लिए भीड़ देखने को मिलती है, लेकिन इस बार सामान्य श्रेणी की सीटें भी खाली हैं।
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