Thursday, May 24, 2012

राजस्थान शिक्षक भर्ती : द्वितीय लेवल के प्रवेश-पत्र अपलोड

तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती की परीक्षा के लिए द्वितीय लेवल के प्रवेश-पत्र अपलोड कर दिए गए हैं, जबकि प्रथम लेवल के प्रवेश-पत्र हाईकोर्ट के फैसले के बाद अपलोड किए जाएंगे।

हाईकोर्ट की खंडपीठ में शुक्रवार को पंचायतीराज विभाग की याचिका पर सुनवाई होनी है।  गुरुवार शाम साढ़े छह बजे तक द्वितीय लेवल के 15,000 प्रवेश पत्र डाउन लोड किए गए।

Tuesday, May 22, 2012

अब सीबीएसई की तर्ज पर परीक्षा लेगा हरियाणा बोर्ड !

हरियाणा प्रदेश के सरकारी स्कूलों में सेमेस्टर प्रणाली खत्म करने का प्रस्ताव है। सरकारी स्कूलों में अब सीबीएसई बोर्ड की तरह परीक्षाएं हुआ करेंगी। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के इस प्रस्ताव पर अधिकतर निदेशक मंडल सहमत है, लेकिन इस प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय निदेशक मंडल की अगली बैठक में होगा। तब तक शिक्षा मंत्री से भी वार्ता कर ली जाएगी। प्रदेश में आठवीं तक बोर्ड पहले ही खत्म किया जा चुका है। अब दसवीं व बारहवीं की परीक्षाओं में सेमेस्टर प्रणाली खत्म करने पर गंभीरता से मनन चल रहा है। मंगलवार को चंडीगढ़ में हुई हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी के निदेशक मंडल की बैठक में सेमेस्टर प्रणाली खत्म करने के फायदे व नुकसान पर काफी देर तक मंथन किया गया। शिक्षा विभाग की वित्तायुक्त एवं प्रधान सचिव सुरीना राजन की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रस्ताव लाया गया कि सेमेस्टर प्रणाली से आर्थिक नुकसान तो हो ही रहा है, साथ ही पढ़ाई के लिहाज से समय भी बर्बाद हो रहा है। प्रस्ताव आया कि क्यों न दसवीं व बारहवीं की परीक्षाओं में सरकारी स्कूलों में सीबीएसई की तर्ज पर परीक्षा पद्धति लागू कर दी जाए। सीबीएसई स्कूलों में पहले सेमेस्टर में 40 प्रतिशत मार्किग स्कूल स्तर पर होती है जबकि दूसरे सेमेस्टर में 60 प्रतिशत मार्किग बोर्ड स्तर पर होती है। यहां भी आप्शन दिया गया है। यह स्कूल के ऊपर निर्भर है कि दूसरे सेमेस्टर की 60 अंकों की मार्किग स्कूल स्तर पर कराई जाए या फिर बोर्ड के स्तर पर यह मार्किग कराई जाए। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में सेमेस्टर प्रणाली के खत्म होने के बाद सीबीएसई पद्धति लागू होने से करीब 50 दिन की पढ़ाई का फायदा होने का अनुमान है। साथ ही उत्तर पुस्तिकाओं की जांच पर खर्च होने वाले करीब एक करोड़ रुपये सालाना की बचत भी हो सकती है।

राजस्थान में फिर संशय के घेरे में फंसी थर्ड ग्रेड शिक्षक भर्ती !

तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती परीक्षा को लेकर फिर संशय बन गया है। राज्य सरकार ने टेट के फर्स्ट लेवल में पास बीएड डिग्रीधारकों को इस परीक्षा के योग्य ठहराने फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट की खंडपीठ में अपील दायर की है। दरअसल, इस मामले में जोधपुर में हाईकोर्ट की मुख्यपीठ व जयपुर पीठ ने अलग-अलग निर्णय दिए थे। जयपुर पीठ ने ऐसे अभ्यर्थियों को परीक्षा के अयोग्य माना था, जबकि जोधपुर मुख्यपीठ ने इन्हें योग्य ठहराया था।

शिक्षक भर्ती की परीक्षा भी 2 जून को है, ऐसे में मामला फिर कोर्ट में जाने से इस भर्ती परीक्षा पर संदेह के बादल गहरा गए हैं। राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता जीआर पूनिया ने अपील दायर की है। इसमें मामले के गुणावगुण स्तर पर नियमों के तहत आदेश पारित करने की गुहार की गई है। खंडपीठ में अपीलों की सुनवाई इसी सप्ताह हो सकती है।

2 जून को ही होगी परीक्षा

पंचायती राज विभाग के अनुसार शिक्षक भर्ती परीक्षा 2 जून को ही कराई जाएगी। अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र ऑनलाइन उपलब्ध कराने की तैयारी कर ली गई है। इसका काम पूरा होते ही इसकी सूचना जारी कर दी जाएगी।

Saturday, May 19, 2012

RTET के लेवल-I में पास बीएड भी शिक्षक भर्ती के योग्य

आरटेट के लेवल-I में पास बीएड डिग्रीधारक अब तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। राजस्थान हाईकोर्ट ने शनिवार को इस संबंध में आदेश जारी किए। न्यायाधीश गोपालकृष्ण व्यास ने कहा कि योग्यता के बावजूद केवल एक तारीख के बाद किसी योग्य व्यक्ति को अयोग्य घोषित करना उचित नहीं है। इस मामले में 17 मई को बहस पूरी हो गई थी, लेकिन कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। बहस में कोर्ट ने एनसीटीई, राज्य सरकार तथा माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की दलीलें खारिज कर दी थीं।

मामले को लेकर वीराराम व अन्य ने याचिकाएं दायर की थीं। इन्होंने न्यायालय को बताया था कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 तथा एनसीटीई के नियमों के अनुसार टेट के फस्र्ट लेवल में उत्तीर्ण बीएड डिग्रीधारी तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती परीक्षा- 2012 में कक्षा 1 से 5 तक अध्यापन कराने के योग्य हैं, जबकि राज्य सरकार ने 1 जनवरी 2012 तक ही इन अभ्यर्थियों को इस भर्ती परीक्षा के योग्य माना है। चूंकि, शिक्षक भर्ती परीक्षा के आवेदन इस साल फरवरी के अंत में मांगे गए थे, ऐसे में टेट के प्रथम स्तर में पास बीएड डिग्रीधारक अभ्यर्थी अयोग्य घोषित हो गए। राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता जीआर पूनिया, एनसीटीई के अधिवक्ता कुलदीप माथुर व बोर्ड के अधिवक्ता राकेश अरोड़ा ने सरकार के आदेश को नियमों के तहत बताते हुए कोर्ट से याचिकाएं खारिज करने को कहा था।

सीबीएसई दसवीं का परिणाम 23 मई तक

केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की दसवीं कक्षा का परीक्षा परिणाम 23 मई तक घोषित होने की संभावना है। बोर्ड पहली बार दसवीं कक्षा के परिणाम गत वर्ष की तुलना में पहले जारी करने की तैयारियों में जुटा है। संभवतया 25 मई तक बोर्ड बारहवीं कक्षा के परिणाम भी जारी कर देगा।
बोर्ड के अजमेर रीजन कार्यालय सूत्रों के अनुसार बोर्ड द्वारा परीक्षा परिणाम जारी करने की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। दसवीं कक्षा के साथ नौवीं कक्षा के परिणाम भी जारी होने हैं। इनके परिणाम तैयार होने में थोड़ा वक्त लग रहा है। परिणाम तैयार होते ही रिजल्ट घोषित कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि परिणाम तैयार होने के बाद बोर्ड की पॉलिसी तय करने के लिए 21 मई को दिल्ली में क्षेत्रीय अधिकारियों की एक बैठक आयोजित की जाएगी। इसके बाद 22 मई को परिणामों को अंतिम रूप देकर 23 मई तक परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे।

Friday, May 18, 2012

सरप्लस टीचर को हटा नहीं सकते - पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने शुक्रवार को एक याचिका पर सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि अगर किसी भी सहायता प्राप्त स्कूल में टीचरों की संख्या सरप्लस है तो स्कूल प्रबंधन कमेटी उन टीचरों की सेवा समाप्त नहीं कर सकती। हां, शिक्षा विभाग के निदेशक ऐसे टीचर को किसी भी सहायता प्राप्त स्कूल में ट्रांसफर कर सकते हैं। हाईकोर्ट ने यह फैसला मुकुंद लाल नेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल यमुनानगर के तीन टीचरों की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। स्कूल की प्रबंधन कमेटी ने सरप्लस, काम न करने, स्कूल का माहौल खराब करने के आरोप में अपने तीन टीचरों को नौकरी से निकाल दिया था। इन टीचर ने कमेटी के इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने हरियाणा स्कूल शिक्षा अधिनियम, 2003 के आधार पर स्कूल द्वारा की गई कार्रवाई को गलत बताते हुए स्पष्ट किया कि अगर किसी सहायता प्राप्त स्कूल में टीचर सरप्लस है तो स्कूल अपने स्तर पर उसको नौकरी नहीं निकाल सकता वरन शिक्षा विभाग के आयुक्त या निदेशक उसको किसी अन्य सहायता प्राप्त स्कूल में समायोजित कर सकते हैं। इसके साथ ही कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि अगर कोई टीचर सही आचरण या स्कूल का माहौल खराब करता है तो स्कूल उसको भी नौकरी से नहीं निकाल सकता। इसके लिए भी नियम के तहत जांच करवाकर निदेशक या स्कूल कमीश्नर से इजाजत लेनी होगी। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने स्कूल पर इन टीचरों को तंग करने के आरोप में दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।

Thursday, May 17, 2012

सीबीएसई बोर्ड 500 रुपये में देगा आंसरशीट

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा में कम अंक आने पर अफसोस करने की जरूरत नहीं है। बल्कि विद्यार्थी अब स्वयं परीक्षा परिणाम में कम अंकों के आने का स्पष्ट कारण जान सकते हैं, क्योंकि बोर्ड ने विद्यार्थियों के आग्रह पर 500 रुपये फीस जमा कर आंसरशीट की फोटो कापी उपलब्ध कराने का निर्णय किया है। जिसका लाभ परीक्षार्थी इस सत्र में पहली बार उठाएंगे।
अक्सर यह अभिभावकों की शिकायत रहती है कि उनके बच्चे ने बोर्ड परीक्षा में प्रशभन-पत्रों को अच्छी तरह से हल किया, लेकिन शिक्षकों की ओर से उत्तर पुस्तिका मूल्यांकन में सतर्कता नहीं बरती गई।
इस कारण उनके बच्चों को उम्मीद से कम अंक हासिल हुए हैं, लेकिन अब सीबीएसई बोर्ड ने अभिभावक व विद्यार्थियों की सुविधा के लिए परीक्षा परिणाम के बाद आंसरशीट की फोटो कॉपी उपलब्ध करा देगा, जिससे अभिभावक और विद्यार्थी दोनों ही प्रशभन-पत्र को हल करने में की गई लापरवाही और गलतियाें को आसानी देख सकते हैं।
 यह पहला परीक्षा परिणाम है। जिसमें विद्यार्थियों को इस सुविधा का लाभ बोर्ड की ओर से दिया जाएगा।