Tuesday, September 11, 2012

हरियाणा में 1983 पीटीआई की भर्ती खारिज

हरियाणा में 1983 फिजिकल ट्रेनिंग इंस्ट्रक्टर्स (पीटीआई) की भर्ती को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने खारिज करने के निर्देश दिए हैं। जस्टिस एजी मसीह ने हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग को निर्देश दिया कि कानून के मुताबिक कार्रवाई करते हुए पांच माह में नए सिरे से भर्ती की जाए।
कुल 68 याचिकाएं दायर कर भर्ती को खारिज करने की मांग की गई थी। याचिकाओं में कहा गया कि 20 जुलाई 2006 को हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने 1983 पीटीआई की भर्ती के लिए आवेदन मांगे थे।
21 अगस्त 2006 तक आवेदन जमा करने थे। 21 जनवरी 2007 को लिखित परीक्षा का नोटिस दिया गया लेकिन उसे यह कहकर खारिज कर दिया गया कि भर्ती में धांधली की शिकायतें मिलने पर परीक्षा स्थगित की जा रही है।
इसके बाद 20 जुलाई 2008 को परीक्षा तय की गई जिसे भी बाद में प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए खारिज कर दिया गया। इसके बाद पात्रता तय करते हुए पदों से 8 गुणा उ मीदवारों को सीधे इंटरव्यू के लिए बुला लिया गया।
इसके बाद 2 सितंबर 2008 से लेकर 17 अक्टूबर 2008 तक उ मीदवारों के इंटरव्यू लिए गए। डेढ़ साल की देरी के बाद 10 अप्रैल 2010 को भर्ती का परिणाम घोषित किया गया।
याचिकाओं में कहा गया कि 28 दिसंबर 2006 को भर्ती के लिए तय मानदंडों की अनदेखी कर नियुक्तियां की गई। पहले जहां इंटरव्यू के 25 अंक तय किए गए थे वहीं इसे बाद में बदलकर 30 कर दिया गया।
याचिकाओं में कहा गया कि भर्ती प्रक्रिया आरंभ करने के बाद इसमें फेरबदल नहीं किया जा सकता। महज चहेतों को नियुक्ति देने के लिए नियुक्ति के मानदंडों में परिवर्तन किया गया।

Saturday, September 8, 2012

हरियाणा - 2012 में एचटेट का आयोजन मुश्किल

प्रदेश के लाखों जेबीटी व बीएड डिग्री धारकों को एचटेट परीक्षा का बेसब्री से इंतजार है पर इस बार भी वर्ष 2010 का इतिहास दोहराया जा सकता है। भले ही राष्ट्रीय शिक्षा परिषद के नियमानुसार एचटेट की परीक्षा हर साल होनी चाहिए, लेकिन वर्ष 2012 में यह नियम टूटने की पूरी संभावना है। क्योंकि इस परीक्षा को लेकर अभी तक कोई तैयारी नहीं है। नवंबर 2011 में संपन्न हुई एचटेट परीक्षा में लगभग साढ़े 5 लाख परीक्षार्थी बैठे थे और इसकी तैयारियों में शिक्षा बोर्ड लगभग 4 माह पूर्व ही जुट गया था। लेकिन इस बार एचटेट को लेकर शिक्षा बोर्ड ने पूरी तरह से चुप्पी साधी हुई है। वैसे भी 20 सितंबर से प्रथम सेमेस्टर की परीक्षाएं शुरू होने जा रही हैं, जो लगभग दो माह चलेंगी। ऐसे में शिक्षा बोर्ड प्रशासन के पास वर्ष 2012 में एचटेट आयोजित करवाने के लिए पूरा समय बचेगा ही नहीं।
हरियाणा सरकार ने सबसे पहले सन 2008 में देश में सबसे पहले अध्यापक पात्रता परीक्षा शुरू की थी। सन 2009 में केंद्र सरकार ने आरटीई लागू कर दी है और आरटीई में शिक्षा सुधार के मकसद से पूरे देश में अध्यापक पात्रता परीक्षा करवाना अनिवार्य कर दिया गया। इसकी गाइडलाइन राष्ट्रीय शिक्षा परिषद द्वारा तैयार की गई हैं। इनके अनुसार हर साल अध्यापक पात्रता परीक्षा आयोजित की जानी अनिवार्य है। सन 2009 में दो बार अध्यापक पात्रता परीक्षा आयोजित की गई, लेकिन इसके बाद 2010 में यह परीक्षा नहीं करवाई गई। 2011 के अंत में एचटेट करवाई गई तो इसमें लगभग साढ़े पांच लाख परीक्षार्थी बैठे थे।

 एचटेट को लेकर अभी तक कोई दिशा निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं।
-डी के बेहरा सचिव, शिक्षा बोर्ड

Thursday, September 6, 2012

प्राथमिक शिक्षकों की अंतर जिला तबादला नीति बनेगी

राथमिक शिक्षकों की संघ नेताओं व वित्तायुक्त सुरीना राजन के मध्य हुई बैठक में कई मांगों पर सहमति बनी है। बृहस्पतिवार को सचिवालय में हुई बैठक में संघ के प्रदेशाध्यक्ष विनोद ठाकरान व महासचिव दीपक गोस्वामी ने संघ की मांगों को विस्तार से रखा। संघ के महासचिव दीपक गोस्वामी ने बताया कि अंतर जिला स्थानांतरण को लेकर शीघ्र ही एक पालिसी बनेगी, जिसके तहत गृह जिले से बाहर तैनात जेबीटी की वरीयता सूची बनाई जाएगी और शिक्षकों के संबंधित जिले में पद रिक्त होने पर उस वरीयता सूची से क्रमानुसार जेबीटी अपने गृह जिले में स्थानांतरित हो सकेंगे। मेवात में कार्यरत जेबीटी के तबादलों पर भी सहमति बनी और उन्हें भी एक अलग वरीयता सूची बनाकर इसी प्रकार उनके गृह जिले में स्थानांतरित किया जाएगा। इस नीति से अंतर जिला स्थानांतरण की समस्या का समाधान हो जाएगा व जेबीटी शिक्षकों की बेकार की भागदौड़ भी खत्म हो जाएगी।

हरियाणा में 9870 प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया हुई शुरू

प्रदेश में जल्द ही अब तक की सबसे बड़ी प्राथमिक शिक्षकों (जेबीटी) की भर्ती होगी। कुल 9870 पद भरे जाएंगे। शिक्षा विभाग की ओर से इस संबंध में प्रस्ताव हरियाणा विद्यालय शिक्षक चयन बोर्ड को भेजा जा चुका है। उम्मीद है कि बोर्ड द्वारा जल्द ही भर्ती संबंधी आगामी तैयारी शुरू कर दी जाएगी। यह दूसरी बार होगा कि जेबीटी की इतने बड़े पैमाने पर भर्ती होगी। इससे पूर्व 2009 में 9647 नियमित प्राथमिक शिक्षकों के पद विज्ञापित किए गए थे और चयनित 8401 उम्मीदवारों को वर्ष 2011 में नियुक्तियां दी गई थीं। शिक्षा विभाग में इतनी बड़ी भर्ती की आहट से प्रदेश के प्राथमिक अध्यापक पात्रता परीक्षा पास डिप्लोमा होल्डर्स में भारी उत्साह है। 322 दिन की समयसीमा सरकार को हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण फैसले के मद्देनजर 322 दिन की तय समयसीमा में नियमित शिक्षकों की भर्ती करनी है। 20 मार्च से शुरू इस तय समयसीमा में अब सिर्फ पांच माह का समय शेष बचा है। हाईकोर्ट ने अपने आदेशों में यह भी स्पष्ट किया था कि तय समय सीमा व दिए गए शेडयूल का पालन न होने पर इसे आदेशों की गंभीर अवमानना माना जाएगा। मेवात कैडर के लिए 1107 पद जेबीटी की प्रस्तावित भर्ती में मेवात कैडर के लिए 1107 शिक्षकों के पद रखे गए हैं।

एमडीयू: साल में एक बार होगी प्रेक्टिकल परीक्षा

महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए एक खुशखबरी है। विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन करने वाले विद्यार्थियों को अब साल में सिर्फ एक बार ही प्रेक्टिकल परीक्षा देनी होगी। इससे पहले विश्वविद्यालय साल में दो बार प्रेक्टिकल परीक्षा लेता था। यही नहीं प्रेक्टिकल परीक्षा दूसरे सेमेस्टर की थ्योरी परीक्षा के बाद ली जाएगी। 
विश्वविद्यालय के मुताबिक साल में दो बार प्रेक्टिकल परीक्षा लेने में सेशन का काफी समय लग जाता है। इसके चलते विश्वविद्यालय अब से साल में सिर्फ एक बार ही प्रेक्टिकल परीक्षा लेगा। उल्लेखनीय है कि महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में सेमेस्टर सिस्टम लागू होने से साल में दो बार परीक्षा ली जाती है। थ्योरी के साथ-साथ प्रेक्टिकल परीक्षा भी साल में दो बार ही होती है। विश्वविद्यालय का कहना है कि प्रेक्टिकल परीक्षा साल में दो की बजाय एक बार लेने से सेशन का काफी समय बचेगा। इसलिए विश्वविद्यालय ने परीक्षा सिस्टम में एक और बदलाव करते हुए प्रेक्टिकल परीक्षा सिर्फ एक बार दूसरे सेमेस्टर की थ्योरी परीक्षाओं के बाद कराने का निर्णय लिया है।

Monday, September 3, 2012

राजस्थान - शिक्षकों हो जाओ तैयार, अब बच्चों के साथ-साथ होगी आपकी भी परीक्षा !

राज्य के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की बदहाल स्थिति सुधारने और जमीनी हकीकत जानने के लिए स्कूली बच्चों की औचक परीक्षा (सरप्राइज एक्जाम) होगी। शिक्षाधिकारियों का दल पहले से तैयार पेपर लेकर किसी भी वक्त स्कूल में परीक्षा लेने पहुंच जाएगा। इस परीक्षा के मार्फत न केवल बच्चों के स्तर का पता लगाया जाएगा, बल्कि संबंधित शिक्षक का भी मूल्यांकन मौके पर ही हो जाएगा।

सर्वशिक्षा अभियान के तहत पहले चरण में राज्य की करीब 6 हजार स्कूलों को इस दायरे में लिया गया है। इस माह 12 से 14 सितंबर तक चलने वाले पहले चरण में करीब ढाई हजार शिक्षाधिकारी स्कूलों में पढ़ाई के स्तर की जांच करेंगे। इस चरण में तीसरी, पांचवीं और आठवीं कक्षा के बच्चों की आकस्मिक परीक्षा ली जाएगी।

इनका कहना है

'विभाग सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर बेहतर से बेहतर बनाना चाहता है। इसके लिए एक के बाद एक नवाचार किए जा रहे हैं। वे खुद भी स्कूलों में अधिकारियों के साथ रहेंगे।'
-बृजकिशोर शर्मा, शिक्षामंत्री

अब देख सकेंगे एचसीएस परीक्षा की आंसरशीट

अब उम्मीदवार अगर चाहें तो प्राथमिक न्यायिक परीक्षा में अपनी उत्तर पुस्तिका (आंसरशीट) देख सकेंगे। हरियाणा सिविल सर्विसिस (एचसीएस) परीक्षा की आंसरशीट दिखाने पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने अपनी सहमति जता दी है। जस्टिस सूर्यकांत व जस्टिस आरपी नागरथ की बैंच ने इस संबंध में याचिका स्वीकार करते हुए कहा कि याची अपनी ओएमआर आंसरशीट देख सकता है। कोर्ट ने कहा कि पारदर्शिता अपनाने के लिए जरूरी है कि कोई संदेह न रहे और अपनी आंसरशीट की पड़ताल करने में किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।