राजकीय प्राथमिक स्कूलों में लंबे समय से कार्यरत जेबीटी शिक्षकों की
पदोन्नति का रास्ता साफ हो गया है। वरिष्ठता के आधार पर जल्द ही शिक्षकों
को पदोन्नति प्रदान कर हेड शिक्षक बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री व शिक्षा
मंत्री ने जेबीटी शिक्षकों को पिछले दिनों हुई बैठक में आश्वासन दिया था,
जिसके बाद से जेबीटी शिक्षकों को हेड शिक्षक बनाने की कवायद शुरू कर दी गई
है। लंबे समय के बाद गत दिवस मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री ने जेबीटी
शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल को चंडीगढ़ बैठक के लिए बुलाया और शिक्षकों की
पदोन्नति का रास्ता साफ किया। पूरे प्रदेश में करीब 32 हजार शिक्षक हैं और
नौ हजार के करीब हेड शिक्षकों के पद हैं। इनमें से 2800 के करीब हेड शिक्षक
के पद रिक्त पड़े हुए हैं, जिन्हें जल्द ही भरा जाएगा।
स्कूल में लंबे समय
कार्यरत शिक्षकों में से ही एक शिक्षक को हेड शिक्षक का दर्जा दिया जाएगा।
शिक्षा विभाग ने 1 अक्टूबर 1988 से नवंबर 1995 तक नियुक्त किए गए जेबीटी
शिक्षकों का रिकार्ड देखा जा रहा है और उनसे पूरा ब्योरा भी मंगवाया गया
है। इसी आधार पर शिक्षकों को पदोन्नत किया जाएगा। जेबीटी शिक्षकों की
पदोन्नति का रास्ता अब साफ हो गया है।
मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री के साथ
हुई बैठक सफल रही और उन्होंने जेबीटी शिक्षकों को वरिष्ठता के आधार पर
पदोन्नत करने का आश्वासन दिया था, जिसकी कवायद भी शुरू हो गई है। विभाग की
तैयारियों से जेबीटी शिक्षकों में खुशी की लहर है। 15 साल तक ग्रामीण
क्षेत्रों ने जिन शिक्षकों ने अपनी सेवाएं दी हैं उन्हें प्राथमिकता के
आधार पर पदोन्नति दी जाएगी। "
-विनोद ठाकरान, प्रदेशाध्यक्ष, राजकीय प्राथमिक
शिक्षक संघ।
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