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Tuesday, December 16, 2014

एचसीएस भर्ती में इंटरव्यू में बुलाए उम्मीदवारों के अंक तलब

हरियाणा में चौटाला शासन के दौरान हुई 65 एचसीएस अधिकारियों की भर्ती में गड़बड़ी के मामले पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने इंटरव्यू में बुलाए सभी 195 उम्मीदवारों के अंक तलब कर लिए हैं। जस्टिस राजीव भल्ला व बीएस वालिया की डिवीजन बेंच ने इसके साथ ही मामले से जुड़े सभी वादी व प्रतिवादियों के वकीलों को बुधवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट में मौजूद रहने को कहा है।
डिवीजन बेंच ने याचिकाकर्ता करण सिंह दलाल के वकील कमलजीत सिंह से पूछा कि आरोप लगाया गया है कि लिखित परीक्षा में अधिक अंक पाने वाले दक्ष उम्मीदवारों को इंटरव्यू में कम अंक देकर मेरिट में पीछे धकेला गया। लिहाजा, वह बुधवार को उन सभी 195 उम्मीदवारों के लिखित परीक्षा व इंटरव्यू के अंक पेश करें, जिन्हें इंटरव्यू के लिए बुलाया गया था। बेंच ने मामले की सुनवाई बुधवार को भी जारी रखने का फैसला लेते हुए सभी याचिकाकर्ता व प्रतिवादियों के वकीलों को सुनवाई के दौरान मौजूद रहने के निर्देश दिए।

Saturday, March 16, 2013

एचसीएस की मौजूदा भर्ती से ही विकलांगों को आरक्षण

हरियाणा सिविल सर्विसिस (एचसीएस) की एग्जीक्यूटिव ब्रांच में नियुक्तियों में अब विकलांगों को आरक्षण मिलेगा। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने इस संबंध में दाखिल एक जनहित याचिका स्वीकार कर ली। चीफ जस्टिस एके सीकरी व जस्टिस आरके जैन की बैंच ने सरकार को एचसीएस की मौजूदा नियुक्तियों में ही विकलांगों को आरक्षण देने के लिए संशोधन-पत्र जारी करने को कहा है। 
एचसीएस एक्जीक्यूटिव ब्रांच के लिए हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) ने विकलांगों को आरक्षण दिए बिना ही आवेदन मांगे। इसके बाद प्राथमिक परीक्षा ले ली गई और अब अप्रैल में मुख्य परीक्षा प्रस्तावित है। इस पर हाईकोर्ट ने विकलांगों के लिए दो पद आरक्षित करने के निर्देश देते हुए सरकार को तत्काल ये जानकारी आयोग को देने के निर्देश दिए। इसके बाद 15 दिन का समय आवेदन करने के लिए देते हुए प्राथमिक परीक्षा लेने और फिर मुख्य परीक्षा लेने के निर्देश दिए। 
याचिका में कहा गया कि एचसीएस भर्ती में शारीरिक रूप से विकलांग लोगों को तीन फीसदी आरक्षण दिया जाए। साथ ही वर्ष 1996 से अब तक एचसीएस का बैकलॉग भरा जाए। विकलांगों को प्रोत्साहित करने व अन्य लोगों के समान दर्जा दिलवाने के लिए ये भर्ती जल्द से जल्द की जाएं।

Wednesday, February 20, 2013

एचसीएस भर्ती मामले में फैसला सुरक्षित

चौटाला शासनकाल में नियुक्त 65 एचसीएस अधिकारियों की भर्ती को चुनौती देने वाली एक याचिका पर पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। कोर्ट ने इस विषय से जुड़ी एक अन्य याचिका पर सुनवाई अगले सप्ताह तक स्थगित कर दी है। कोर्ट अगले सप्ताह इस बात पर भी निर्णय करेगा कि इस याचिका का करण सिंह दलाल की याचिका के साथ ही निपटारा किया जाए या फिर अलग से। गौरतलब है कि वर्ष 2002 में हुई भर्ती धांधली को लेकर विधायक करण सिंह दलाल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की हुई है।

Friday, February 1, 2013

हरियाणा एचसीएस भर्ती परीक्षा पर विवाद गहराया

प्रदेश में 151 एचसीएस अधिकारियों की नियुक्ति के लिए होने वाली परीक्षा विवादों में आ गई है। हरियाणा लोक सेवा आयोग ने मुख्य परीक्षा में 835 नए आवेदकों की संख्या बढ़ा दी है। इस बीच, कुछ आवेदकों ने प्रारंभिक परीक्षा पर ही सवाल खड़े करते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इससे राज्य में नए एचसीएस अधिकारियों की नियुक्ति प्रक्रिया पर संशय के बादल मंडराने लगे हैं। प्रदेश में 151 नए एचसीएस अधिकारियों की नियुक्ति की जानी है। इनमें 30 एचसीएस अधिकारी और 121 एलाइड सर्विसेज के अधिकारी शामिल हैं। एचपीएससी ने इन अधिकारियों की नियुक्ति की प्रक्रिया के तहत प्रारंभिक परीक्षा ली। याचिकाकर्ता का आरोप है कि प्रारंभिक परीक्षा में करीब 100 सवाल गलत आए। इसे लेकर आवेदक हाईकोर्ट चले गए। हाईकोर्ट ने दिसंबर 2012 में हरियाणा लोक सेवा आयोग को एक्सपर्ट कमेटी बनाने का निर्देश दिया। आयोग ने करीब 60 एक्सपर्ट की मदद से दोबारा मार्किंग कराई और मुख्य परीक्षा के लिए 835 आवेदक और बढ़ा दिए। मुख्य परीक्षा के लिए करीब 2400 आवेदक पहले से हैं। अब इनकी संख्या बढ़कर 3235 हो गई है। पीडि़त पक्ष इस बात पर अड़ा हुआ है कि जब लोक सेवा आयोग ने गलत सवालों की बात मान ही ली है तो इस प्रक्रिया को दोबारा शुरू क्यों नहीं किया जाता। ऐसे में प्रारंभिक परीक्षा भी दोबारा कराई जानी चाहिए। आयोग ने गलत सवालों पर ग्रेस नंबर दिए थे। लोक सेवा आयोग द्वारा आवेदकों की संख्या बढ़ाने से पहले ही अशोक कुमार सहित 15 अभ्यथियों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा दिया है। इस मामले में 11 फरवरी को सुनवाई होगी। पीडि़त पक्ष का कहना है कि वे दोबारा परीक्षा चाहते हैं। 2011 में निकले इन पदों के लिए भर्ती पिछले वर्ष नवंबर तक ही पूरी हो जानी थी लेकिन अटकी हुई है। अगर सुप्रीम कोर्ट ने याचिका की सुनवाई के दौरान लोक सेवा आयोग की तरफ पक्ष रखा तो मार्च के बाद मुख्य परीक्षा संभव है।