हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा वर्ष 2011 में प्रदेश भर में ली गई
अध्यापक पात्रता परीक्षा के प्रश्न पत्र की खामियों को लेकर हाई कोर्ट ने
याचिका की सुनवाई करते हुए शिक्षा बोर्ड सचिव को 30 दिन के अंदर
याचिकाकर्ताओं की समस्या का समाधान करने का आदेश दिया है।
झज्जर जिले के रवि दहिया व अन्य ने दिसंबर 2012 को हाई कोर्ट में याचिका
डालकर गुहार लगाई थी कि बोर्ड द्वारा वर्ष 2011 में ली गई एचटेट परीक्षा के
प्रश्न पत्र में अनेक खामियां थी।
सीडब्ल्यूपी न. 24891-2012 में अंडर सेक्शन 226-227 के तहत मामले की सुनवाई
करते हुए न्यायमूर्ति रामेश्र्वर सिंह मलिक ने कहा है कि याचिकाकर्ताओं की
समस्या का 30 दिन के अंदर बोर्ड सचिव द्वारा किया जाना चाहिए।
न्यायालय के इस फैसले से अवगत करवाते हुए छात्र अध्यापक संघ के
प्रदेशाध्यक्ष बिजेंद्र यादव ने बताया कि हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने
एनसीईआरटी के तथ्यों को आधार नहीं माना है। शिक्षा बोर्ड ने जब भी इस विषय
में कमेटी बनाई, इसमें पेपर सेट करने वालों को बुलाया। कमेटी सदस्यों के
अनुसार सात प्रश्न जेबीटी कटेगरी के प्रश्न पत्र में गलत थे, जबकि दो
प्रश्न सामाजिक अध्ययन में गलत हैं। हाई कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट में कानपुर
यूनिवर्सिटी का हवाला देते हुए यह फैसला सुनाया है। बिजेंद्र यादव ने
बताया कि कोर्ट के इस फैसले से प्रदेश भर में प्रभावित जेबीटी के साढ़े तीन
हजार व एसएस के 1800 छात्र अध्यापकों को राहत मिली है।
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