Wednesday, May 2, 2012

हरियाणा में विकलांग कोटे के तहत आरक्षण की नीति बदली

प्रदेश सरकार ने भर्ती में विकलांगों को आरक्षण देने की अपनी नीति बदल दी है। अब वर्टिकल के बजाय हॉरिजेंटल नीति अपनाई जाएगी। सरकार की ओर से यह जानकारी दिए जाने के बाद पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने क्लर्क व अन्य भर्ती में विकलांगों के परिणाम पर लगी रोक हटाने का आदेश जारी किया है। सरकार की नई नीति 1 मई से लागू होगी। मालूम हो कि विकलांग कोटे के तहत आरक्षण देने की राज्य सरकार हरियाणा की नीति केंद्र व सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के खिलाफ थी। दिनेश कुमार भाटिया की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने पिछले साल इस संबंध में सरकार की नीति पर रोक लगा दी थी और चल रही भर्ती प्रक्रिया में विकलांग कोटे की सीटों के परिणाम पर भी रोक लगा दी थी। अब वर्टिकल नीति के आधार पर पूर्व में हुई भर्ती को सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को आधार पर चुनौती दी जा सकती है। याचिका में आरोप लगाया गया था कि हरियाणा सरकार नौकरियों में विकलांग लोगो को आरक्षण देने के लिए जिस पैमाने का प्रयोग कर कर ही है वह कानूनन गलत है। याचिका के अनुसार नियमों के अनुसार किसी भी तरह का आरक्षण तीन श्रेणी में होता है पहला जनरल, दूसरा ओबीसी व तीसरा एससी व एसटी इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की नौ जजों की बेंच इंद्रा साहनी मामले में यह स्पष्ट भी कर चुकी है और इस बारे में निर्णय भी दे चुकी है। लेकिन हरियाणा सरकार ने नियम के विपरीत जनरल, ओबीसी व एससी व एसटी वर्ग के अलावा एक अलग श्रेणी विकलांग को भी शामिल कर उसमें सीट आरक्षित करने का नियम शुरू कर दिया। जबकि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय व कानून के अनुसार अगर किसी विकलांग को आरक्षण का लाभ देना है तो उसे उस कोटे में आरक्षण दिया जाएगा जिस वर्ग से वह संबंधित है उदाहरण के तौर पर अगर जनरल श्रेणी के विकलांग उम्मीदवारों को आरक्षण का लाभ दिया जाना है तो उनके लिए जनरल की कुल सीटों से ही विकलांग लोगो के लिए तय सीटें आरक्षित की जाएगी।

चंडीगढ़ जेबीटी भर्ती विवादों में, आवेदक पहुंचे हाईकोर्ट

शिक्षा विभाग द्वारा सर्व शिक्षा अभियान के तहत की जा रही जेबीटी भर्ती विवादों में फंस गई है। शिक्षा विभाग की भर्ती प्रक्रिया की शर्तों के खिलाफ 40 से अधिक आवेदकों ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में अपील की है। प्रशासन ने जेबीटी भर्ती में पंजाब तथा हरियाणा के आवेदकों को भी योग्य माना है। केंद्र सरकार की अधिसूचना के अनुसार यूटी में वही टीचर आवेदन कर सकते है जिन्होंने टीईटी चंडीगढ़ से पास किया है। 
आवेदकों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान पंजाब व हरियाणा के उम्मीदवारों को जो भर्ती प्रक्रिया में मौका दिया जा रहा है वे गलत है। मामले की सुनवाई 3 मई को होगी। याचिका दाखिल करने वाले उम्मीदवारों का कहना है कि केंद्र की नोटिफिकेशन के मुताबिक पंजाब व हरियाणा के आवेदक इस प्रक्रिया में हिस्सा नहीं ले सकते। इसमें सिर्फ चंडीगढ़ के उम्मीदवारों को ही मौका दिया जा सकता है।
लेकिन विभाग ने सबको को भर्ती में मौका दिया है। शिक्षा विभाग द्वारा जेबीटी भर्ती के लिए मेरिट लिस्ट तैयार की जा रही है। ध्यान रहे कि विभाग 653 जेबीटी भर्ती कर रहा है। इस बार सारी भर्ती प्रक्रिया ऑनलाइन हो रही है। इसके लिए किसी तरह की लिखित परीक्षा नहीं ली जा रही है। मेरिट के आधार पर ही शिक्षकों की भर्ती की जाएगी।

Tuesday, May 1, 2012

हरियाणा में सेवानिवृत्त शिक्षक एक बार फिर पा सकेंगे नौकरी

सेवानिवृत्त हो चुके शिक्षक एक बार फिर नौकरी पा सकते हैं। शिक्षा विभाग की री-इंप्लाइमेंट योजना के तहत शिक्षकों को नौकरी प्रदान की जाएगी। शिक्षा विभाग ने सेवानिवृत्त हुए शिक्षकों से आवेदन मांगे हैं। शिक्षा विभाग ने वर्ष 2011 में री-इंप्लाइमेंट योजना के तहत सेवानिवृत्त हो चुके शिक्षकों को दोबारा नौकरी देने की योजना शुरू की थी। इसके तहत प्रिंसिपल, हेडमास्टर, मास्टर, सीएंडवी, हेड टीचर और जेबीटी पदों पर आवेदन मांगे गए हैं। अप्रैल माह में सेवानिवृत्त हुए शिक्षकों के मामले में भी दोबारा नियुक्ति पर विचार किया जाएगा। इनके मामलों पर निदेशालय विचार करेगा। इनका कार्यकाल केवल एक साल के लिए होगा। पिछले वर्ष सेवानिवृत्ति के बाद री-इंप्लाइमेंट योजना का लाभ उठाने वालों को दोबारा मौका नहीं दिया जाएगा।
-Read Dainik Jagran'Hissar (May2,2012)

गले की फांस बनी हरियाणा शिक्षा नियमावली

  • मुख्यमंत्री ने बदले दो नियम, 
  • अब भर्ती नियमित, गर्भवती महिलाओं को भी राहत,
  • 1652 हेडमास्टरों के पद रिक्त, दो सौ प्रिंसिपल चाहिए,
  •  हिंदी के लिए प्रभाकर,संस्कृत को शास्त्री व पंजाबी के लिए ज्ञानी की डिग्री को महत्व नहीं देने पर विवाद,
  • अफसरों के नियमों से मची खलबली, सवा लाख पात्र अध्यापक भी आर-पार की लड़ाई को तैयार  
राज्य शिक्षा विभाग में नए सत्र के शुरुआत से उभरा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। शिक्षा विभाग के अफसरों की नई नियमावली ने यह बवाल खड़ा किया है। बढ़ा विवाद मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के दरबार में पहुंचा तो उन्होंने अब मामला अपने हाथ में लेकर जनहित में बदलाव प्रारंभ किया है। मुख्यमंत्री ने नियमों में बदलाव करते हुए कहा कि अब अनुबंध के आधार पर शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होगी, सीधे नियमित किए जाएंगे। बता दें कि इससे पहले 15 हजार शिक्षकों की अनुबंध के आधार पर भर्ती की बात कही गई थी। इसके अलावा 12 सप्ताह की गर्भवती को ड्यूटी ज्वाइन करने से रोकने का नियम भी मुख्यमंत्री ने संशोधित कर दिया है। शिक्षिका के तौर पर ऐसी महिलाओं को ड्यूटी ज्वाइन पर कोई पाबंदी नहीं होगी। ऐसे में नियम बदलने के बाद राज्य में युवाओं को बड़ी राहत मिलेगी। इनके अलावा भी पहली से बारहवीं तक सरकारी स्कूलों में कई मुद्दों को लेकर बड़ा विवाद चल रहा है। पता चला है कि मुख्यमंत्री ने इन मामलो की संपूर्ण फाइलें तलब की हैं। दो बड़े विवाद निपटाने के बाद वे अन्य जरूरी मुद्दों पर भी विचार कर रहे हैं।

हरियाणा - शिक्षकों की नियुक्ति अनुबंध आधार पर नहीं,नियमित होगी भर्ती

मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने प्रदेश में शिक्षकों की नियुक्ति अनुबंध आधार के बजाय नियमित आधार पर किए जाने को स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने हरियाणा शिक्षा नियम को संशोधित किए जाने को भी अनुमोदित किया है। प्रदेश की शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल ने मंगलवार को यहां बताया कि प्रदेश में विद्यार्थियों को गुणवत्तापरक शिक्षा प्रदान करने के लिए सरकार द्वारा जल्द ही 15 हजार शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। सभी नियुक्तियां नियमित आधार पर होंगी।

यूजीसी नेट - अब ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 4 मई

नेट परीक्षा के लिए उमड़ी ऑनलाइन आवेदकों की भीड़ के कारण बीते सालों की तरह एक बार फिर यूजीसी की वेबसाइट ठप हो चली है।

परेशानी इस कदर विकराल रूप ले चुकी है कि यूजीसी ने एक बार फिर ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि दो दिन के लिए बढ़ा दी है। अब छात्र 2 के बजाय 4 मई तक ऑनलाइन और 9 के बजाय 10 मई तक आवेदन की पेपर कॉपी संबंधित केन्द्र पर जमा करा सकते हैं।

यूजीसी ने साफ किया कि बढ़े दो दिन का लाभ उन्हीं छात्रों को मिलेगा जो अपना आवेदन शुल्क 2 मई तक जमा करा चुके होंगे। इसके अलावा ऑनलाइन आवेदन के बाद अनिवार्य प्रक्रिया के तहत छात्रों को आवेदन की पेपर कॉपी जमा कराने के लिए अब 9 के बजाय 10 मई तक का समय दे दिया गया है।

  सोमवार को ही छात्रों की ओर से एआईएसएफ का एक प्रतिनिधिमंडल यूजीसी चेयरमैन प्रो.वेदप्रकाश से मिला था। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की थी आवेदन की अंतिम तिथि 15 दिन तक बढ़ाई जाए।

वायु सेना में ग्रुप एक्स भर्ती के लिए आवेदन मांगे

भारतीय वायु सेना ने साइंस विषय में सीनियर पास युवाओं के लिए वायुसैनिक की भर्ती निकाली है। इसमें न्यूनतम 50 फीसदी अंकों के साथ गणित, भौतिकी, अंग्रेजी विषयों में पास होना आवश्यक है। वायु सेना में ग्रुप एक्स (तकनीकी ग्रेड) के लिए आवेदन मांगे गए हैं। भर्ती परीक्षा अगस्त 2012 में होगी, जिसकी तिथि बाद में घोषित की जाएगी। इंटर मीडिएट, सीनियर या मान्यता प्राप्त संस्था से पॉलिटेक्निक, इंजीनियरिंग में तीन वर्ष की डिग्री या डिप्लोमा प्राप्त अविवाहित अभ्यर्थी ही पात्र होंगे।