केंद्र सरकार का कहना है कि उसके पास केंद्रीय माध्यमिक
शिक्षा बोर्ड और राज्य शिक्षा बोर्डो का पाठ्यक्रम समान करने का कोई
प्रस्ताव नहीं है। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने
सोमवार को लोकसभा में कहा कि पाठ्यक्रम और शैक्षिक संसाधनों में विविधता
होनी ही चाहिए। क्योंकि, पूरे देश में समान पाठ्यक्रम होने से स्थानीय
संदर्भो, संस्कृति और भाषा की उपेक्षा हो जाएगी। मानव संसाधन विकास राज्य
मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में पूरे देश के
लिए ‘राष्ट्रीय पाठ्यक्रम ढांचा’ अपनाने का सुझाव दिया गया है।
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