Wednesday, November 26, 2014

हरियाणा कैेबिनेट की बैठक, खट्टर ने बदले हुड्डा सरकार का फैसले

• चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी 60 पर ही होंगे सेवानिवृत्त
• कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन, सदस्य हटाए
• हरियाणा टीचर चयन बोर्ड भी किया भंग
• हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग चेयरमैन,सदस्य हटाने का फैसला
• 605 बिजली निगम कर्मचारियों की होगी भर्ती
• प्रदेश में छह टोल प्वाइंट बंद होंगे
राज्य सरकार ने अपने कर्मचारियों की रिटायरमेंट की उम्र को 58 साल कर दिया है। पिछली सरकार ने विधानसभा चुनाव से पहले इस उम्र सीमा को बढ़ाकर 60 साल कर दिया था। हालांकि खट्टर सरकार ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के मामले में रिटायरमेंट की उम्र 60 साल ही रखी है। मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया।
इसके साथ ही सरकार ने वैट में बढ़ोतरी कर डीजल के रेट में इजाफा कर दिया है, जबकि कुछ राहत देते हुए छह चुनिंदा नेशनल हाइवे से टोल टैक्स पूरी तरह से खारिज कर दिया। सरकार ने हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन और सदस्यों को हटाने का भी अहम फैसला लेने के साथ-साथ हरियाणा टीचर चयन बोर्ड को भी भंग कर दिया।
30 नवंबर को हो जाएंगे रिटायर्ड
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के अलावा विकलांग और नेत्रहीन कर्मचारियों की रिटायरमेंट आयु 60 साल ही रहेगी। सरकार ने कट आफ डेट इस माह की 30 नवंबर रखी है जो कर्मचारी इस समय 58 के बाद भी नौकरी कर रहे हैं उन्हें 30 नवंबर को रिटायर्ड कर दिया जाएगा। नई भर्ती के समय उम्मीदवार की अधिकतम आयु सीमा 42 वर्ष ही रहेगी। पिछली सरकार ने इसे 40 से बढ़ाकर 42 की गई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि रिटायरमेंट आयु 58 करने का फैसला इसलिए लिया गया ताकि विशेष तौर पर युवाओं को रोजगार दिया जा सके।
डीजल में करीब ढाई प्रतिशत बढ़ाया वैट
बैठक में डीजल पर वैट को 9.24 से बढ़ाकर 12.07 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे प्रदेश में डीजल का रेट 53.19 प्रति लीटर हो जाएगा। इसके लिए दलील दी गई है कि हर मास डीजल की औसत बिक्री लगभग पांच लाख लीटर है।
बैठक में प्रदेश की सड़कों पर छह टोल प्वाइंट्स बंद करने का फैसला लिया गया है। इसमें मुख्य रूप से गुड़गांव-सोहाना (बादशाहपुर के निकट), बहादुरगढ़-झज्जर-दादरी-लोहारू-पिलानी सड़क (राजस्थान सीमा के निकट), सरदूलगढ़-सिरसा सड़क (पंजाब सीमा के निकट), उत्तर प्रदेश सीमा-सोनीपत-गोहाना सड़क, सोहना-नूंह-फिरोज़पुर झिरका-अलवर सड़क (राजस्थान सीमा के निकट) और नारनौल-सिंघाना सड़क (राजस्थान सीमा के निकट) शामिल हैं। टोल प्वाइंट खत्म होने के बाद अब इन सड़कों से गुजरने वाले वाहनों को कोई भी शुल्क नहीं देना पड़ेगा।

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