जेबीटी घोटाला प्रकाश में आने के बाद शिक्षा निदेशालय के आला अधिकारी सतर्क
हो गए हैं। अब वर्ष 2011 में पानीपत जिले में नियुक्त हुए 386 अध्यापकों
के अंगूठे की जांच होगी।
हाई कोर्ट में याचिका दायर होने के बाद मौलिक शिक्षा निदेशालय ने यह आदेश
जारी किया है। शिक्षा महकमे में वर्ष 2011 में जेबीटी अध्यापकों की भर्ती
हुई थी। भर्ती में उन्हीं अभ्यार्थियों को प्राथमिकता दी गई जो एचटेट की
परीक्षा में सफल हुए। पानीपत जिले में 386 जेबीटी अध्यापक नियुक्त हुए।
सैकड़ों प्रतिभावान विद्यार्थी जेबीटी अध्यापक बनने से वंचित रह गए। प्रवीण
कुमारी ने भर्ती में अनियमितता का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट में याचिका
(सीडब्ल्यूपी नंबर 3 ऑफ 2011 (ओएंडएम)) दायर कर दी। कोर्ट ने सुनवाई के
दौरान मौलिक शिक्षा निदेशक को 2011 में भर्ती किए गए शिक्षकों के अंगूठे की
जांच कराने के आदेश जारी किए। मौलिक शिक्षा निदेशालय ने कोर्ट के इस आदेश
की पालना के लिए डीईईओ कार्यालय को अंगूठे की जांच कराने का फरमान जारी कर
दिया।
जेबीटी अध्यापकों के अंगूठे के जांच के लिए हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड
ने कमेटी गठित की है। कमेटी के सदस्य भिवानी में 5 फरवरी को बापौली व
पानीपत खंड (क्रम संख्या 1 से 34), 6 फरवरी को पानीपत (क्रम संख्या 35 से
94 तक) व समालखा खंड तथा 7 फरवरी को मतलौडा व इसराना खंड में नियुक्त
जेबीटी अध्यापकों के अंगूठे की जांच करेंगे।
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