Monday, May 23, 2011

राजस्थान टेट से रोक हटी


हाईकोर्ट का निर्णय, ग्रेजुएशन व बीएड डिग्री हासिल करने के वर्षों के हिसाब से अलग-अलग योग्यता 

परीक्षा 3 जुलाई को प्रस्तावित

किसके लिए क्या जरूरी -
     ● वर्ष 2007 से पहले बीए, बीएससी, बीकॉम के साथ राजस्थान व जम्मू-कश्मीर से बीएड करने वालों के लिए विषय अथवा प्रतिशत की बाध्यता नहीं।

  ● वर्ष 2007 से 2009 के बीच उत्तीर्ण सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 45% व आरक्षित वर्ग के लिए  न्यूनतम 40' अंक जरूरी। 

    ● वर्ष 2009 के बाद उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के लिए 50% अंक निर्धारित। आरक्षित वर्ग को नियमानुसार 5% की छूट।

     राजस्थान हाईकोर्ट की खंडपीठ ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) पर एकलपीठ द्वारा लगाई गई रोक हटा दी है। इस संबंध में सबसे महत्वपूर्ण निर्णय अभ्यर्थियों की योग्यता को लेकर दिया गया है। ग्रेजुएशन व बीएड की डिग्री हासिल करने के वर्ष के हिसाब से अब तीन तरह की योग्यता निर्धारित की गई है। जम्मू-कश्मीर से बीएड करने वाले अभ्यर्थियों को भी टेट के योग्य माना गया है, जबकि बीबीए व बीसीए के साथ बीएड की डिग्री हासिल करने वाले परीक्षा में नहीं बैठ पाएंगे। मुख्य न्यायाधीश अरुण मिश्रा व न्यायाधीश कैलाश चंद्र जोशी की खंडपीठ में टेट से संबंधित विभिन्न याचिकाओं पर तीन दिन सुनवाई चली।

 परीक्षा 3 जुलाई को प्रस्तावित 
     राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने टेट से रोक हटते ही परीक्षा आयोजन की तैयारियां आरंभ कर दी हैं। बोर्ड ने राज्य सरकार को संशोधित कार्यक्रम भेज दिया है। संभवत: सोमवार को मंजूरी मिलते ही बोर्ड नया कार्यक्रम जारी कर देगा। बोर्ड अध्यक्ष डॉ सुभाष गर्ग के मुताबिक बोर्ड 3 जुलाई को परीक्षा कराना चाहता है। संशोधित कार्यक्रम के मुताबिक 24 या 25 मई से आवेदन आमंत्रित करने की प्रक्रिया भी फिर से शुरू की जा सकती है।
-Published on 21May,2011 in D.Bhaskar(Jaipur)

No comments:

Post a Comment