● शिक्षा बोर्ड की बैठक में अधिकारियों को सौंपी जिम्मेदारी
● साल भर में एक बार होनी तय हुई थी पात्रता परीक्षा
● पिछले साल नहीं कराया गया परीक्षा का आयोजन
● इस साल भी था संशय कि परीक्षा होगी या नहीं
शुरुआत से ही सवालों के घेरे में रही अध्यापक पात्रता परीक्षा के आयोजन की तैयारी शुरू हो गई है। परीक्षा आयोजन की तैयारियों को लेकर शिक्षा बोर्ड सक्रिय हो गया है। बोर्ड सूत्रों की माने तो अध्यापक पात्रता परीक्षा जुलाई में होगी। तीन दिन पूर्व बोर्ड अधिकारियों की अहम बैठक में बोर्ड के विभिन्न विभागों को इस परीक्षा के सफल संचालन के लिए जिम्मेदारी सौंपी गई है।
● साल भर में एक बार होनी तय हुई थी पात्रता परीक्षा
● पिछले साल नहीं कराया गया परीक्षा का आयोजन
● इस साल भी था संशय कि परीक्षा होगी या नहीं
शुरुआत से ही सवालों के घेरे में रही अध्यापक पात्रता परीक्षा के आयोजन की तैयारी शुरू हो गई है। परीक्षा आयोजन की तैयारियों को लेकर शिक्षा बोर्ड सक्रिय हो गया है। बोर्ड सूत्रों की माने तो अध्यापक पात्रता परीक्षा जुलाई में होगी। तीन दिन पूर्व बोर्ड अधिकारियों की अहम बैठक में बोर्ड के विभिन्न विभागों को इस परीक्षा के सफल संचालन के लिए जिम्मेदारी सौंपी गई है।
बोर्ड के उच्चस्थ सूत्रों के अनुसार बोर्ड के अधिकारियों की अहम बैठक में बोर्ड के संबंधित विभागों को अध्यापक पात्रता परीक्षा के सफल संचालन के लिए प्रासपेक्टस छपवाने, परीक्षा केंद्र तय करने, सुपरवाइजरों की ड्यूटी तय करने, उत्तर पुस्तिकाएं छपवाने सभी औपचारिकताएं पूरी करवाकर परीक्षा के सफल संचालन के लिए जिम्मेदारी सौंप दी गई है। विभागों ने इस पर अमल भी शुरू कर दिया है।
अध्यापक पात्रता परीक्षा पहली बार अक्तूबर 2008 में शुरू हुई थी। इस परीक्षा को साल में एक बार आयोजित किए जाने का निर्णय लिया गया था। वर्ष 2009 में यह परीक्षा जुलाई और दिसंबर में दो बार ली गई। इस परीक्षा परिणाम का प्रतिशत बहुत कम रहने के बाद यह सवालों के घेरे में आ गई थी।
सबसे बड़ा सवाल तो इस परीक्षा को लेकर यही उठा था कि जेबीटी, बीएड और प्रोफेसर के लिए तय डिप्लोमा, डिग्री जब प्राप्त कर लिया गया है तो इसके लिए अलग से पात्रता परीक्षा का क्या औचित्य? इसके बावजूद प्रदेश सरकार द्वारा इसे जारी रखा गया है। इन विवादों के चलते वर्ष 2010 में इस परीक्षा का आयोजन नहीं हुआ। हालांकि इस परीक्षा को शुरू करते समय इसे साल में एक बार आयोजित करवाना अनिवार्य किया गया था।
एक वर्ष से पात्रता परीक्षा का संचालन नहीं होने से बेरोजगार भी संशय में थे कि परीक्षा होगी या नहीं और अगर होगी तो कब होगी। अब बोर्ड ने इस परीक्षा के आयोजन के लिए निर्णय ले लिया है और औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।
हरियाणा राजकीय अध्यापक संघ के नेता वजीर सिंह ने बताया कि अध्यापक पात्रता परीक्षा अवश्य ली जाए। इस परीक्षा के बाद इंटरव्यू की औपचारिकता की बजाय मेरिट के आधार पर पात्रों का चयन सुनिश्चित किया जाए।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के सचिव शेखर विद्यार्थी ने भी अध्यापक पात्रता परीक्षा के संचालन को लेकर अधिकारियों की बैठक की पुष्टि की और कहा कि बोर्ड इस परीक्षा के संचालन को लेकर गंभीर है।
Published in A.Ujala(Noida-Haryana) 31Mar.2011
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