हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड जल्द ही परीक्षा प्रणाली में आमूलचूल
परिवर्तन करने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत 11वीं कक्षा के छात्रों को
बोर्ड की परीक्षा देने के लिए तैयार रहना होगा, वहीं दसवीं कक्षा से
सेमेस्टर प्रणाली के बजाय वार्षिक परीक्षा पैटर्न अपनाकर छात्रों को राहत
देने की तैयारी शुरू हो गई है। सीनियर सेकेंडरी के दो वर्षीय कोर्स में
सेमेस्टर सिस्टम छमाही के बजाय सालाना करने पर विचार हो रहा है।
शिक्षा बोर्ड दसवीं और बारहवीं कक्षा की परीक्षा ही संचालित करता है। दोनों
कक्षाओं में सेमेस्टर सिस्टम लागू है। सूत्र बताते हैं कि दसवीं कक्षा में
सेमेस्टर सिस्टम लागू होने से छात्रों को कोई विशेष फायदा नहीं हो रहा है।
हालात यह है कि परीक्षा परिणाम को सुधारने के लिए बोर्ड प्रशासन को
मोडरेशन व सीसीई का सहारा लेना पड़ता है।
इस स्थिति में दसवीं कक्षा से सेमेस्टर प्रणाली को समाप्त करने पर विचार
शुरू हो गया है। साथ ही शिक्षा बोर्ड प्रशासन ने यह भी गंभीरता से मंथन
किया है कि वास्तव में तो सीनियर सेकेंडरी दो साल की है। प्लस वन में लागू
किया गया पाठ्यक्रम प्लस टू का मुख्य आधार है। प्लस वन की परीक्षा स्कूल
स्तर पर आयोजित की जाती है। इस कारण शिक्षक व छात्र दोनों ही प्लस वन की
परीक्षा को हल्के में ले लेते हैं। ऐसे में प्लस टू की परीक्षा के दौरान
छात्रों को अचानक शिक्षा बोर्ड की दो परीक्षाओं का सामना करना पड़ता है।
इसी वजह से शिक्षा बोर्ड प्रशासन ने सेमेस्टर सिस्टम में बड़े बदलाव का
विचार किया है।
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