> पाठ्यक्रम वहीं पर अब बदले पैटर्न से होगी परीक्षा
> सब्जेक्टिव की जगह अब तीसरा पेपर भी होगा ऑब्जेक्टिव
देशभर में यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) की जून 2012 में होने वाली नेट परीक्षा में किए गए बदलाव को लेकर नया परीक्षा पैटर्न जारी कर दिया गया है। भविष्य में होने वाली नेट परीक्षा में ऑब्जेक्टिव प्रश्नों पर आधारित तीनों पेपर एक ही दिन में दो सत्रों में आयोजित होंगे। पहले नेट परीक्षा में तीसरा पेपर व्याख्यात्मक होता था। तीनों पेपर का पाठयक्रम पहले वाला ही होगा। लेकिन अब तीसरा पेपर भी ऑब्जेक्टिव प्रश्नों पर ही आधारित होगा। परीक्षार्थियों को तीनों पेपर हल करने के लिए कुल पांच घंटे का समय दिया जाएगा। पहले सत्र में सुबह 9.30 से 10.45 बजे तक 100 अंकों का पहला पेपर होगा जिसमें परीक्षार्थियों को 60 प्रश्नों में 50 प्रश्न सवा घंटे के समय में हल करने होंगे तथा प्रत्येक प्रश्न के दो अंक होगे। 100 अंकों का दूसरा पेपर सुबह 10.45 से 12.00 बजे तक होगा जिसमें 2-2 अंकों वाले 50 प्रश्न करने होंगे। दूसरे चरण में दोपहर 1. 30 बजे से सांय 4 बजे तक आयोजित होने वाले 150 अंकों वाले तीसरे पेपर में 75 प्रश्न हल करने होंगे।
कैटेगरी के हिसाब लेने होंगे अंक
नेट परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए तीनों पेपर में अलग-अलग से कैटेगरी अनुसार न्यूनतम अंक निर्धारित किए गए है। सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों को पहले व दूसरे पेपर में 40-40 प्रतिशत तथा तीसरे पेपर में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक हासिल करने होंगे। ओबीसी वर्ग में पहले व दूसरे पेपर के लिए 35-35 प्रतिशत तथा तीसरे पेपर के लिए 45 प्रतिशत न्यूनतम अंक तथा विकलांग, नेत्रहीन, एससी, एसटी वर्ग के उम्मीदवारों को पहले व दूसरे पेपर में 35-35 प्रतिशत तथा तीसरे पेपर में 40 प्रतिशत न्यूनतम अंक हासिल करने होंगे। प्रत्येक पेपर के लिए निर्धारित न्यूनतम अंक लेने वाले उम्मीदवारों को परीक्षा के फाइनल रिजल्ट के लिए विचार किया जाएगा। जेआरएफ व लेक्चरशिप की योग्यता के लिए अंतिम उत्तीर्ण पैमाना यूजीसी की ओर से तय किया जाएगा। नेट परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग भी नहीं होगी।
ले सकेंगे ओएमआर की कार्बन कॉपी
भविष्य में होने वाली नेट परीक्षा में परीक्षार्थी ओएमआर सीट की कार्बन कॉपी अपने घर ला सकेंगे ताकि वे परीक्षा का मूल्यांकन सही प्रकार से कर सके। गौरतलब है कि नेट परीक्षा का आयोजन कॉलेज प्राध्यापक के चयन की पात्रता तथा जूनियर रिसर्च फैलोशिप हासिल करने के लिए किया जाता है। यूजीसी की ओर से नेट परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए वर्ष में दो बार जून व दिसंबर माह में नेट व जेआरएफ हेतु परीक्षा आयोजित की जाती है। परीक्षा को पूरी तरह से ऑब्जेक्टिव प्रश्नों पर लिए जाने के बाद युवाओं का नेट परीक्षा के प्रति काफी रुझान बढ़ेगा।
Click HERE for UGC Guidelines
> सब्जेक्टिव की जगह अब तीसरा पेपर भी होगा ऑब्जेक्टिव
देशभर में यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) की जून 2012 में होने वाली नेट परीक्षा में किए गए बदलाव को लेकर नया परीक्षा पैटर्न जारी कर दिया गया है। भविष्य में होने वाली नेट परीक्षा में ऑब्जेक्टिव प्रश्नों पर आधारित तीनों पेपर एक ही दिन में दो सत्रों में आयोजित होंगे। पहले नेट परीक्षा में तीसरा पेपर व्याख्यात्मक होता था। तीनों पेपर का पाठयक्रम पहले वाला ही होगा। लेकिन अब तीसरा पेपर भी ऑब्जेक्टिव प्रश्नों पर ही आधारित होगा। परीक्षार्थियों को तीनों पेपर हल करने के लिए कुल पांच घंटे का समय दिया जाएगा। पहले सत्र में सुबह 9.30 से 10.45 बजे तक 100 अंकों का पहला पेपर होगा जिसमें परीक्षार्थियों को 60 प्रश्नों में 50 प्रश्न सवा घंटे के समय में हल करने होंगे तथा प्रत्येक प्रश्न के दो अंक होगे। 100 अंकों का दूसरा पेपर सुबह 10.45 से 12.00 बजे तक होगा जिसमें 2-2 अंकों वाले 50 प्रश्न करने होंगे। दूसरे चरण में दोपहर 1. 30 बजे से सांय 4 बजे तक आयोजित होने वाले 150 अंकों वाले तीसरे पेपर में 75 प्रश्न हल करने होंगे।
कैटेगरी के हिसाब लेने होंगे अंक
नेट परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए तीनों पेपर में अलग-अलग से कैटेगरी अनुसार न्यूनतम अंक निर्धारित किए गए है। सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों को पहले व दूसरे पेपर में 40-40 प्रतिशत तथा तीसरे पेपर में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक हासिल करने होंगे। ओबीसी वर्ग में पहले व दूसरे पेपर के लिए 35-35 प्रतिशत तथा तीसरे पेपर के लिए 45 प्रतिशत न्यूनतम अंक तथा विकलांग, नेत्रहीन, एससी, एसटी वर्ग के उम्मीदवारों को पहले व दूसरे पेपर में 35-35 प्रतिशत तथा तीसरे पेपर में 40 प्रतिशत न्यूनतम अंक हासिल करने होंगे। प्रत्येक पेपर के लिए निर्धारित न्यूनतम अंक लेने वाले उम्मीदवारों को परीक्षा के फाइनल रिजल्ट के लिए विचार किया जाएगा। जेआरएफ व लेक्चरशिप की योग्यता के लिए अंतिम उत्तीर्ण पैमाना यूजीसी की ओर से तय किया जाएगा। नेट परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग भी नहीं होगी।
ले सकेंगे ओएमआर की कार्बन कॉपी
भविष्य में होने वाली नेट परीक्षा में परीक्षार्थी ओएमआर सीट की कार्बन कॉपी अपने घर ला सकेंगे ताकि वे परीक्षा का मूल्यांकन सही प्रकार से कर सके। गौरतलब है कि नेट परीक्षा का आयोजन कॉलेज प्राध्यापक के चयन की पात्रता तथा जूनियर रिसर्च फैलोशिप हासिल करने के लिए किया जाता है। यूजीसी की ओर से नेट परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए वर्ष में दो बार जून व दिसंबर माह में नेट व जेआरएफ हेतु परीक्षा आयोजित की जाती है। परीक्षा को पूरी तरह से ऑब्जेक्टिव प्रश्नों पर लिए जाने के बाद युवाओं का नेट परीक्षा के प्रति काफी रुझान बढ़ेगा।
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