Friday, July 15, 2011

2012 से हरियाणा में कोई भी गैर मान्यता प्राप्त स्कूल नहीं चलेंगे

 शिक्षा विभाग ने तय किया है कि अगले शिक्षा सत्र(1 अप्रैल 2012)से राज्य में कोई भी गैर मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूल बच्चे नहीं पढ़ा पाएगा। इससे पहले संबंधित स्कूलों को हरियाणा स्कूल एजुकेशन रूल्स 2009 के तहत जिला स्तरीय मान्यता कमेटी से स्थाई मान्यता लेनी होगी।
इसी के मद्देनजर उच्च शिक्षा निदेशालय ने गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों को मान्यता के नाम्र्स पूरे करने के लिए एक साल यानी नए शिक्षा सत्र तक की एक्सटेंशन दे दी है। साथ ही चालू शिक्षा सत्र के लिए बोर्ड आफ स्कूल एजुकेशन भिवानी के साथ प्रोविजनल संबद्धता भी दे दी है, ताकि बच्चे बोर्ड की परीक्षा भी दे सकें। जिन स्कूलों ने शिक्षा विभाग से अस्थाई मान्यता या बोर्ड आफ स्कूल एजुकेशन भिवानी की प्रोविजनल संबद्धता ले रखी, उन्हें भी चालू शिक्षा सत्र में बच्चे पढ़ाने की छूट दी गई है।
जिन स्कूलों के स्थाई मान्यता के आवेदन शिक्षा विभाग या जिला स्तर पर उपायुक्तों की अध्यक्षता में गठित कमेटियों के पास 10 अप्रैल 2007 से लंबित हैं, वे भी इस साल बच्चे पढ़ा सकेंगे। ऐसे स्कूलों के केस शिक्षा विभाग समयबद्ध निपटाएगा। 


 उपायुक्त हैं सक्षम अथारिटी
 राज्य में निजी स्कूलों को स्थाई मान्यता प्रदान करने के लिए सरकार ने जिला स्तर पर कमेटियां गठित कर संबंधित उपायुक्त को सक्षम अथारिटी नियुक्त कर रखा है। ये कमेटियां हरियाणा स्कूल एजुकेशन रूल्स के तहत स्थाई मान्यता के केस फाइनल करने के लिए अधिकृत हैं।

हाईकोर्ट में चल रहा है अभी केस
 शिक्षा विभाग ने वर्ष 2007 व 08 के दौरान नोटिस जारी कर गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों से बच्चों के दाखिले न लेने को कहा था। निदेशालय के इस आदेश को कुछ स्कूल प्रबंधकों ने पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी और हाईकोर्ट ने शिक्षा निदेशालय के नोटिस के अमल पर रोक लगा दी थी। मामला अभी हाईकोर्ट में लंबित है। कई स्कूलों के स्थाई मान्यता के कई केस भी अभी जिला स्तर पर विचाराधीन पड़े हैं। इसी के मद्देनजर शिक्षा विभाग ने अब गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों को एक साल की एक्सटेंशन दी है।
-News in Dainik Bhaskar (Hisar) 16July 2011

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